देश की खबरें | केंद्र की नीतियों ने अर्थव्यवस्था को तबाह किया, किसानों, छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ी: राहुल गांधी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अपना हमला तेज करते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि उनकी नीतियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया है और किसानों की कमर तोड़ दी है।
वाशिम (महाराष्ट्र), 16 नवंबर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अपना हमला तेज करते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि उनकी नीतियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया है और किसानों की कमर तोड़ दी है।
उन्होंने कहा कि बड़े औद्योगिक घराने नहीं बल्कि छोटे और मध्यम उद्यम, बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करते हैं, लेकिन वे केंद्र की 2016 की नोटबंदी की कवायद और 2017 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) क्रियान्वयन के तरीकों से तबाह हो गए।
केरल से लोकसभा सदस्य ने कहा, ‘‘जीएसटी, नोटबंदी, कृषि कानून सिर्फ नीतियां नहीं बल्कि छोटे और मध्यम व्यवसायों और किसानों को बर्बाद करने के हथियार थे। जब 2020 में (तीनों) कृषि कानूनों को लाया गया (उन्हें 2021 में निरस्त कर दिया गया) तो हरियाणा और पंजाब के किसान उनके खिलाफ मजबूती से सामने आए। शीर्ष औद्योगिक घराने रोजगार नहीं देते...छोटे और मझोले कारोबारी रोजगार देते हैं।’’
गांधी 3,570 किलोमीटर लंबी ‘भारत जोड़ो’ यात्रा के तहत महाराष्ट्र में 10वें दिन के अंत में वाशिम जिले के मेडशी में सभा को संबोधित कर रहे थे। तमिलनाडु के कन्याकुमारी से सात सितंबर को शुरू हुई यात्रा बुधवार को 70वें दिन में प्रवेश कर गई।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा और केंद्र में पार्टी के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार (2004-14) द्वारा लाए गए खाद्य सुरक्षा कानून ने आम नागरिकों को सशक्त बनाया और उनकी स्थिति में सुधार किया।
उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज, बी आर आंबेडकर, महात्मा फुले और शाहू महाराज राष्ट्रीय प्रतीक थे जिन्होंने लोगों को भाईचारा और एकता का पाठ पढ़ाया तथा उनकी ‘भारत जोड़ो’ यात्रा का उद्देश्य उनके आदर्शों को आगे बढ़ाना है। गांधी ने कहा कि यात्रा में कोई हिंसा या नफरत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि लोगों को चोट लगती है, तो यात्री उन्हें पीछे नहीं छोड़ते, आगे नहीं बढ़ते। सभी लोग मिलकर गिरे हुए व्यक्ति को उठाते हैं और साथ-साथ चलते हैं।’’
कांग्रेस सांसद ने शिवसेना नेतृत्व के खिलाफ बगावत करने वाले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर परोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘यह दिल्ली (केंद्र में भाजपा शासन का जिक्र करते हुए) या महाराष्ट्र में नहीं होता है।’’
शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना विधायकों की बगावत के बाद जून में महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार गिर गई थी। कांग्रेस शिवसेना के नेतृत्व वाली एमवीए सरकार की घटक थी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा और केंद्र की नीतियों ने किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है और देश के सामाजिक ताने-बाने को नष्ट कर दिया है। गांधी ने सवाल किया, ‘‘अगर हिंसा और नफरत फैलाई जाती है, तो देश कैसे मजबूत और एकजुट रह सकता है?’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य या पर्याप्त फसल बीमा राशि नहीं मिलती है, जिससे उन्हें नुकसान होता है। गांधी ने कहा कि अगर फसलों की अच्छी पैदावार होती है, तो सरकार अपनी निर्यात-आयात नीतियों को अचानक बदल देती है, जिससे कृषि वस्तुओं की कीमतें गिर जाती हैं, इससे किसानों पर असर पड़ता है।
गांधी ने सवाल किया, ‘‘देश का पेट भरने वाले किसानों को चोट पहुंचाने वालों, को देशभक्त कैसे कहा जा सकता है?’’ उन्होंने सशस्त्र बलों के लिए अग्निपथ भर्ती योजना को लेकर भी केंद्र पर हमला बोला।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘युवा देश की सेवा करने के लिए सेना में शामिल होते हैं, लेकिन नयी योजना के तहत सरकार चाहती है कि वे थोड़े समय के लिए रक्षा बलों में शामिल हों और फिर जीवन भर बेरोजगार रहें।’’
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