कोटा(राजस्थान),17 नवंबर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि और राज्यों का राजस्व घटाने के लिए बुधवार को केंद्र को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने केंद्र सरकार से ऐसी नीतियां बनाने का आग्रह किया जो राज्यों को मजबूत करें और उनका राजस्व बढ़ाएं।
कोटा जिले के पीपलदा इलाके में जोरवारपुर गांव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए गहलोत ने दावा किया कि कीमतों में वृद्धि केंद्र की त्रुटिपूर्ण नीतियों के चलते हुई है और देश आजादी के बाद इतनी अधिक महंगाई का पहली बार सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘पेट्रोल और डीजल की कीमतों का बढ़ना जारी है और वे 100 रुपये प्रति लीटर को पार कर गई हैं। केंद्र द्वारा उत्पाद शुल्क में कटौती की हालिया घोषणा से राजस्थान को करीब 550 करोड़ रुपये का नुकसान होने वाला है। ’’
हालांकि, मुख्यमंत्री ने नरेंद्र मोदी नीत केंद्र सरकार से ईंधन की कीमतों में और 10-15 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती करने का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे राज्य को करीब 3,500 करोड़ रुपये का नुकसान होगा लेकिन जनहित में उनकी सरकार इसे वहन करेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने कई योजनाओं में राज्य का हिस्सा घटा दिया है।
मुख्यमंत्री ने यहां ग्राम पंचायत में आयोजित प्रशासन गांव के संग शिविर का निरीक्षण किया। इस पहल के तहत अब तक 352 पंचायतों में करीब 5,941 शिविर लगाये गये हैं। दिन मे बाद में गहलोत ने बूंदी जिले में हिंडोली पंचायत समिति के ठीकेरडा गांव का भी दौरा किया।
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