देश की खबरें | केंद्र, राज्यों से वामपंथी उग्रवाद के कारण विस्थापित गोट्टीकोया आदिवासियों के लिए कदम उठाने का आग्रह
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश एवं ओडिशा से माओवादी हिंसा के कारण छत्तीसगढ़ से विस्थापित हुए गोट्टीकोया आदिवासियों की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
नयी दिल्ली, 10 नवंबर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश एवं ओडिशा से माओवादी हिंसा के कारण छत्तीसगढ़ से विस्थापित हुए गोट्टीकोया आदिवासियों की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
आयोग के मुताबिक, गोट्टीकोया आदिवासी पड़ोसी राज्यों में कथित तौर पर कठिन परिस्थितियों में रह रहे हैं तथा सामाजिक सुरक्षा लाभों से वंचित हैं।
आयोग ने इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए नौ दिसंबर को निर्धारित बैठक में गृह मंत्रालय के सचिव और संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों से उपस्थिति होने का अनुरोध किया तथा समुदाय को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए शीघ्र नीतिगत निर्णय लेने की सिफारिश की।
आयोग ने शुक्रवार को मंत्रालय और राज्यों को भेजे गए पत्र में बताया कि उसे मार्च 2022 में एक याचिका मिली, जिसमें कहा गया कि वर्ष 2005 में ‘माओवादी गुरिल्लाओं और भारतीय सुरक्षा बलों के बीच हिंसा’ से बचने के लिए छत्तीसगढ़ से पड़ोसी राज्यों में भागे गोट्टीकोया समुदाय के सदस्य अपने नये स्थानों पर महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
आयोग और केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्रालय के साथ बार-बार इस मुद्दे को उठाने वाले आदिवासी अधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, वामपंथी उग्रवाद के कारण छत्तीसगढ़ से अनुमानित 50,000 आदिवासी विस्थापित हुए और वे अब ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र के जंगलों में 248 बस्तियों में रहते हैं।
आयोग ने याचिका का हवाला देते हुए बताया कि कुछ रिपोर्टों के अनुसार, तेलंगाना सरकार ने कम से कम 75 बस्तियों में आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (आईडीपी) से जमीन वापस ले ली, जिससे उनकी आजीविका खतरे में पड़ गई है और वे और मजबूर हो गये।
कुछ खबरों में यह भी आरोप लगाया गया कि वन विभाग के अधिकारियों ने विस्थापित आदिवासियों के घरों को ध्वस्त कर दिया और उनकी फसलों को नष्ट कर दिया।
आयोग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव और छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश व ओडिशा के मुख्य सचिवों से अनुरोध किया कि वे नौ दिसंबर को उसके समक्ष एक सत्र में भाग लें और इस मुद्दे पर एक व्यापक कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
कांग्रेस सांसद फूलो देवी नेताम के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए केंद्रीय जनजातीय मामलों के राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने राज्यसभा को बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने वामपंथी उग्रवाद के कारण प्रदेश से विस्थापित आदिवासी परिवारों की पहचान करने के लिए तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के आसपास के जिलों में सर्वेक्षण करने के लिए टीमों का गठन किया था।
उन्होंने बताया कि वामपंथी उग्रवाद के कारण सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिलों से 2,389 परिवारों के कुल 10,489 आदिवासी विस्थापित हुए हैं।
उइके ने बताया कि सुकमा से कुल 9,702 आदिवासी लोग, बीजापुर से 579 और दंतेवाड़ा से 208 लोग विस्थापित हुए हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 10, 2024 05:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

