पिछले महीने कर्नाटक का मुख्यमंत्री पद दूसरी बार संभालने वाले सिद्धरमैया ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने एक जुलाई से मुफ्त चावल की आपूर्ति की योजना बनाई है और चावल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई राज्यों से संपर्क किया है।
उन्होंने यहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया, ‘‘केंद्र चावल के विषय पर ओछी राजनीति कर रहा है। हमने एक जुलाई से चावल वितरित करने का फैसला किया है।’’
मुख्यमंत्री का कहना था कि वह बुधवार रात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे और चावल के विषय पर उनके साथ चर्चा करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय खाद्य मंत्री पीयूष गोयल दिल्ली में नहीं हैं कि उनके साथ इस विषय पर बात की जाए।
उनके मुताबिक, कर्नाटक सरकार तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, पंजाब, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश जैसे कई राज्यों से संपर्क किया है और चावल खरीदने का प्रयास कर रही है।
बहरहाल, उन्होंने यह भी कहा कि ये राज्य, कर्नाटक के लिए जरूरी 2,28,000 मीट्रिक टन चावल की आपूर्ति नहीं कर सकेंगे और तथा चावल की ढुलाई का खर्च भी ज्यादा होगा।
सिद्धरमैया ने बताया, ‘‘आंध्र प्रदेश से चावल खरीद 42-43 रुपये किलोग्राम पड़ेगी। तेलंगाना ने कहा है कि उसके पास सिर्फ गेहूं उपलब्ध है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री (भूपेश बघेल) ने मुझसे कहा है कि वह एक महीने के लिए एक लाख मीट्रिक टन चावल उपलब्ध कराने की स्थिति में हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री (भगवंत मान) ने कहा है कि वह अधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे और फिर सूचित करेंगे।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक में इतनी बड़ी मात्रा में चावल उपलब्ध नहीं है।
उनका कहना था, ‘‘हमें खुला बाजार में निविदा निकालनी होगी। ऐसे करने में से कम दो महीने का समय लगेगा।’’
कर्नाटक के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री केएच मुनियप्पा ने कहा, ‘‘हम जल्द से जल्द चावल उपलब्ध कराना चाहते हैं। हम एक महीने का भी विलंब नहीं चाहते। अगर हमें पहले महीने में ही अनाज मिल गया तो हम वितरण शुरू करेंगे...कुछ विलंब है, लेकिन हम प्रयास कर रहे हैं।’’
केंद्र ने हाल में खुला बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत केंद्रीय पूल से राज्य सरकारों को चावल और गेहूं की बिक्री बंद कर दी है।
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, ‘‘राज्य सरकारों के लिए ओएमएसएस (घरेलू) के तहत गेहूं और चावल की बिक्री बंद कर दी गई है।"
इसमें कहा गया कि हालांकि, ओएमएसएस के तहत चावल की बिक्री पूर्वोत्तर राज्यों, पर्वतीय राज्यों और कानून व्यवस्था की स्थिति और प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहे राज्यों के लिए 3,400 रुपये प्रति क्विंटल की मौजूदा दर से जारी रहेगी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY