नयी दिल्ली, 14 सितंबर केंद्र ने बृहस्पतिवार को तीसरा सफाई अभियान शुरू किया जिसमें ऐसे दूर दराज के कार्यालयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जहां बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है।
नयी दिल्ली में इस अभियान की शुरुआत करते हुए केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘स्वच्छता’ अभियान को जन आंदोलन बना दिया है।
सिंह ने कहा, ‘‘वही प्रशासन है, वही अधिकारी हैं लेकिन नेतृत्व की कमी थी। प्रधानमंत्री ने स्वच्छता और सफाई के मिशन को जन आंदोलन बना दिया और अब इसे लोगों ने समाज सुधार आंदोलन की तरह आत्मसात कर लिया है। इसने सरकार की मंशा को प्रदर्शित किया है कि वह लोगों की मूलभूत समस्याओं का मिशन के आधार पर समाधान करेगी।’’
उन्होंने कहा कि इस विशेष अभियान की शुरुआत तब की गई है जब देश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सफल जी20 शिखर सम्मेलन के आयोजन और भारत के अंतरिक्ष मिशन चंद्रयान-3 और आदित्य एल1 की वजह से जोश का महौल है।
सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पहले जागरूकता अभियान के तहत 15 अगस्त 2014 को स्वच्छता अभियान की शुरुआत की थी जिसने कार्यसंस्कृति को बदल दिया और इसका सबूत जी20 की सफल मेजबानी है।
उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस पोर्टल के माध्यम से 90 प्रतिशत फाइल का काम ऑनलाइन किया गया है और (स्वच्छता)अभियान से सुनिश्चित किया गया कि डाक विभाग जैसे कुछ विभागों में खाली स्थान का इस्तेमाल उत्पादक कार्य के लिए किया जाए जो पहले ‘कबाड़खाने में’ तब्दील हो गए थे।
विशेष सफाई अभियान 3.0 के तहत 15 से 30 सितंबर 2023 के बीच तैयारी का चरण होगा। इस अवधि में मंत्रालय/ विभाग चुनिंदा श्रेणियों में लंबित कार्य की पहचान करेंगे और अभियान स्थल को अंतिम रूप देंगे।
भारत सरकार ने दो अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2023 के बीच विशेष अभियान 3.0 चलाने की घोषणा की है जिसमें सरकारी कार्यालयों में सफाई पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
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