तामुलपुर (असम), नौ मई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और केंद्र तथा राज्य सरकार दोनों बोडो समझौते के 90 प्रतिशत प्रावधानों को पूरा कर रहे हैं।
शाह ने कहा कि बीटीआर क्षेत्र के लिए जल्द ही 500 करोड़ रुपये के नये पैकेज को मंजूरी दी जाएगी। बीटीआर में असम के बोडो समुदाय के बाहुल्य वाले जिले आते हैं।
शाह ने बीटीआर में भूटान की सीमा से लगे तामुलपुर जिले में कहा कि सात वर्ष पहले भाजपा ने असम की सीमाओं से उग्रवाद समाप्त करने का वादा किया था और गृह मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में अधिकतर उग्रवादी संगठनों से शांति समझौता किया है। उन्होंने कहा कि अब तक 9,000 उग्रवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने क्षेत्र को उग्रवाद, बम विस्फोटों और सशस्त्र संघर्षों से मुक्त कराने का वादा किया था और इतने कम समय में हमने शांति समझौतों पर हस्ताक्षर किये हैं, पूर्व उग्रवादियों को मुख्यधारा में लाये हैं और केंद्र तथा असम सरकारों दोनों ने समझौते के 90 प्रतिशत प्रावधानों को पूरा किया है।’’
केंद्र सरकार ने जनवरी 2020 में उग्रवादी समूह ‘नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के साथ बोडो शांति समझौते पर हस्ताक्षर किये थे।
शाह ने यहां खादी और ग्रामोद्योग विभाग के एक केंद्र का उद्घाटन तथा केंद्रीय सशस्त्र अर्द्धसैनिक बल के लिए एक केंद्रीय कार्यशाला एवं भंडारगृहों का शिलान्यास करने के बाद कहा कि दोनों ‘आत्मनिर्भर भारत’ के उदाहरण हैं और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे।
शाह ने कहा, ‘‘हमने बीटीआर की जनता से किये गये वादों को पूरा किया है और उनके सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक तथा राजनीतिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
भाजपा नेता बिस्वजीत दैमारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से पहली बार एक बोडो नेता असम विधानसभा के अध्यक्ष बने हैं और ‘हम सभी को इस पर गर्व है’’।
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