देश की खबरें | केंद्र सरकार ने कृषि कानूनों पर बातचीत के लिए एक बार फिर आमंत्रित किया: पंजाब के किसान संगठन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे पंजाब के किसान संगठनों ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार ने 14 अक्टूबर को इस मुद्दे पर बातचीत के लिए एक बार फिर उन्हें आमंत्रित किया है।
चंडीगढ़, 11 अक्टूबर नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे पंजाब के किसान संगठनों ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार ने 14 अक्टूबर को इस मुद्दे पर बातचीत के लिए एक बार फिर उन्हें आमंत्रित किया है।
उन्होंने कहा कि निमंत्रण स्वीकार करने पर निर्णय 13 अक्टूबर को जालंधर में एक बैठक में लिया जाएगा।
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किसान संगठनों ने पिछले सप्ताह केंद्रीय कृषि विभाग द्वारा 8 अक्टूबर को उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए आयाजित सम्मेलन में भाग लेने के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया था। इन संगठनों ने कृषि कानूनों के खिलाफ अपने प्रदर्शन के तहत पंजाब में रेल यातायात को बाधित किया है जिससे ताप विद्युत संयंत्रों के लिए कोयले की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।
भारतीय किसान यूनियन (दकौंदा) के महासचिव जगमोहन सिंह ने कहा, ‘‘हमें 14 अक्टूबर को एक बैठक का निमंत्रण मिला है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कृषि सचिव की ओर से निमंत्रण आया है, जिसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार किसानों से बात करना चाहती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जालंधर में 13 अक्टूबर को होने वाली बैठक में सभी किसान संगठन तय करेंगे कि वार्ता के लिए दिल्ली जाना है या नहीं।’’
पंजाब में किसानों की मांग है कि इन तीनों कानूनों को निरस्त किया जाए।
प्रदर्शनकारी नये कानूनों को ‘किसान विरोधी’ बताते हुए इनके खिलाफ 24 सितंबर से राज्य के विभिन्न स्थानों पर रेलवे पटरियों पर 'रेल रोको' आंदोलन कर रहे हैं।
किसानों ने आशंका व्यक्त की है कि नए कानून न्यूनतम समर्थन मूल्य तंत्र को नष्ट कर देंगे, कृषि उपज बाजार समितियों को समाप्त कर देंगे और यह क्षेत्र कॉरपोरेट के नियंत्रण में चला जाएगा।
सरकार हालांकि कह रही है कि इन कानूनों से किसानों की आय बढ़ेगी, उन्हें बिचौलियों के चंगुल से मुक्ति मिलेगी और खेती में नई तकनीक की शुरुआत होगी।
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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 11, 2020 04:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

