कोलकाता, 29 अप्रैल पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी का कहना है कि राज्य सरकार के अनुरोध पर केन्द्र ने प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों के लिए मिड-डे मील के आवंटन में अत्यल्प वृद्धि की है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार ने केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से अनुरोध किया था।
वीडियो कांफ्रेंस में चटर्जी ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि राज्य सरकार ने प्राथमिक स्कूल के छात्रों के लिए मिड-डे मील की राशि प्रतिदिन चार रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये और माध्यमिक के छात्रों के लिए पांच रुपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 12 रुपये करने का अनुरोध किया था।
उन्होंने कहा, लेकिन एचआरडी मंत्रालय ने प्राथमिक स्कूलों के छात्रों के लिए इस राशि को चार रुपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 4.79 रुपये, और माध्यमिक के छात्रों के लिए पांच रुपये से बढ़ाकर 7.75 रुपये की है।
चटर्जी ने कहा कि मिड-डे मील के रसोइया और सहायक को मिलने वाली राशि भी 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये करने का अनुरोध किया गया था, लेकिन केन्द्र ने उसे अनसुना कर दिया।
मंत्री ने यह भी कहा कि पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों को अगली कक्षा में प्रोन्नति देने की केन्द्र की नीति के बारे में भी राज्य को मंगलवार को हुई बैठक में पता चला है।
उच्चतम माध्यमिक कक्षाओं की बाकी रह गई दो विषयों की परीक्षा के संबंध में लॉकडाउन खुलने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी फैसला लेंगी।
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