देहरादून, 23 अगस्त मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में बुधवार को उत्तराखंड ने चंद्रयान 3 की चंद्रमा पर सफल लैंडिंग की खुशियां मनाईं जहां स्कूली बच्चों से लेकर साधु-संतों तक ने वैज्ञानिकों को इस उपलब्धि पर बधाई दी। यहां राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों तथा स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ चंद्रयान-3 के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ऐतिहासिक सफल लैंडिंग का सीधा प्रसारण देखा तथा भारत की इस ऐतिहासिक सफलता के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, इसरो की टीम तथा देशवासियों को बधाई दी ।
धामी ने कहा , ‘‘चंद्रयान-3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग के बाद भारत ऐसा करने वाला विश्व का पहला देश बन गया है और इसके हम सब साक्षी बने हैं। ’’
उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया के हर क्षेत्र में नंबर एक बनने की दिशा में अग्रसर है और 2047 तक आजादी के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दुनिया का नेतृत्व करने वाला एक शक्तिशाली एवं समर्थ देश बनेगा।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर मौजूद सभी विद्यार्थियों से बातचीत की तथा कहा कि वे भविष्य में जिस भी क्षेत्र में जाएं, उसका नेतृत्व करें ।
चंद्रयान के चंद्रमा पर लैंड करते ही लोग झूम उठे और उन्होंने पटाखे फोड़ कर जश्न मनाया । हरिद्वार में भी चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान तीन की सफल लैंडिंग होते ही नगर वासियों के साथ ही साधु संतों ने भी जश्न मनाया ।
निरंजनी अखाड़े में साधु-संतों ने इस मौके पर फूलों की होली खेल कर एक दूसरे को चंद्रयान 3 की सफलता की बधाई दी । इसरो द्वारा चंद्रयान 3 को भेजे जाने वाले दिन से ही उसकी सफलता के लिए निरंजनी अखाड़े के साधु यहां मायापुर में मनसा देवी चरण पादुका स्थल पर विशेष पूजा अर्चना कर रहे थे।
जैसे ही शाम को टेलीविजन पर उन्होंने चंद्रयान की सफल लैंडिंग को देखा, उनमें खुशी लहर दौड़ गई।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी महाराज के नेतृत्व में भी भारी संख्या में साधु-संत देशभक्ति के गानों पर जमकर झूमे और तिरंगा झंडा हाथ में लेकर भारत माता की जयकार की ।
इसरो के वैज्ञानिकों तथा प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि चंद्रयान-3 की सफलता ने आज भारत का नाम पूरी दुनिया में रौशन कर दिया है ।
उधर, योग गुरू स्वामी रामदेव ने चंद्रयान से जुड़े इसरो के सभी वैज्ञानिको औऱ देशवासियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि चंद्रयान की सफलता भारत के विश्व की महाशक्ति बनने में बहुत बड़ा कदम है ।
उन्होंने कहा कि आज का दिन भारत के करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा,शौर्य और स्वाभिमान का दिवस है। उन्होंने युवाओं से आहवान करते हुए कहा, ‘‘ हम संकल्प लें कि कृषि से ,शिक्षा,स्वास्थ्य ,अनुसंधान तक जैसे क्षेत्रों में हम अपने हिस्से की जिम्मेदारी अखंड प्रचंड पुरुषार्थ के साथ निभाएंगे।’’
रामदेव ने कहा कि इस अभियान की कीमत केवल 600 करोड रुपये नहीं बल्कि भारत के वैज्ञानिकों की अमूल्य मेधा-प्रज्ञा के कारण इस सफलता का मूल्य लाखों करोड़ों रुपये में है।
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