नयी दिल्ली, नौ जून केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मणिपुर सरकार द्वारा उसे सौंपे गए हिंसा से जुड़े छह मामलों की जांच के लिए उप महानिरीक्षक (डीआईजी) रैंक के एक अधिकारी की अगुवाई में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्वोत्तर राज्य के अपने दौरे में मणिपुर हिंसा संबंधी छह प्राथमिकियों की सीबीआई से जांच कराए जाने की घोषणा की थी। इनमें से पांच प्राथमिकी आपराधिक षड्यंत्र और एक प्राथमिकी सामान्य षड्यंत्र से जुड़ी है।
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने संयुक्त निदेशक घनश्याम उपाध्याय को राज्य के अधिकारियों के साथ समन्वय करने के लिए भेजा था और उनके लौटने पर एसआईटी का गठन किया गया।
उन्होंने बताया कि एजेंसी ने राज्य सरकार द्वारा उसे भेजे गए छह मामलों को पुन: दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि विशेष अपराध शाखा, कोलकता मामलों की जांच करेगी।
अधिकारियों ने बताया कि केंद्र के माध्यम से राज्य द्वारा सौंपे गए मामलों पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने एसआईटी का गठन किया और जांच अपने हाथ में ले ली।
गौरतलब है कि मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद हिंसक झड़पें शुरू हो गई थीं। इस हिंसा में अब तक करीब 100 लोगों की मौत हुई है और 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
मणिपुर में 53 प्रतिशत आबादी मेइती समुदाय की है और यह मुख्य रूप से इंफाल घाटी में रहती है। आदिवासियों-नगा और कुकी समुदाय की आबादी 40 प्रतिशत है और यह मुख्यत: पर्वतीय जिलों में बसती है।
राज्य में शांति बहाली के लिए सेना और असम राइफल्स के लगभग 10,000 जवान तैनात किए गए हैं।
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