देश की खबरें | सीबीआई ने इंटरपोल महासभा के दौरान द्विपक्षीय बैठकें कीं
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अपराधों से जुड़ी खुफिया जानकारी साझा करने की प्रणाली को मजबूत करने, भगोडों का पता लगाने, आतंकवाद के लिए वित्त पोषण को रोकने और बाल उत्पीड़न पर लगाम लगाने के लिए इंटरपोल की 90वीं महासभा में शामिल देशों के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें कीं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, 20 अक्टूबर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अपराधों से जुड़ी खुफिया जानकारी साझा करने की प्रणाली को मजबूत करने, भगोडों का पता लगाने, आतंकवाद के लिए वित्त पोषण को रोकने और बाल उत्पीड़न पर लगाम लगाने के लिए इंटरपोल की 90वीं महासभा में शामिल देशों के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें कीं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
इंटरपोल की चार दिवसीय महासभा का आयोजन यहां हो रहा है। यह महासभा 18 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक चलेगी।
सीबीआई के प्रतिनिधिमंडल ने ब्रिटेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, ऑस्ट्रिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, जापान, भूटान, नामीबिया, बहरीन, रूस, कनाडा, ओमान, सर्बिया, मलेशिया और मंगोलिया समेत कम से कम 20 देशों के प्रतिनिधिमंडल के साथ द्विपक्षीय स्तर की बैठक की।
सीबीआई ने एक बयान में बताया कि टीम ने पुलिस संबंधी मामलों में सहयोग को बढ़ावा देने को लेकर यूरोपोल के अधिकारियों से भी मुलाकात की।
ऑस्ट्रियाई आपराधिक खुफिया सेवा ‘बुंडेस्क्रिमिनालमट’ के निदेशक जनरल एंड्रियास होल्जर के नेतृत्व वाले ऑस्ट्रियाई प्रतिनिधिमंडल ने साइबर अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए सीबीआई की सराहना की और कहा कि इसके कारण उनके देश और अन्य पड़ोसी देशों में धोखाधड़ी में भारी कमी आई है। इंटरपोल की अगली महासभा की मेजबानी ऑस्ट्रिया करेगा।
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘दोनों एजेंसी जारी जांच पर सहयोग को बढ़ाएंगी।’’
जरनल होल्जर ने उन जांच पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिन्हें सीबीआई देख रही है, लेकिन उन्होंने कहा कि दोनों एजेंसी के बीच सहयोग जारी है।
उन्होंने ईमेल के जरिए ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘बहरहाल, मैं आपको इतना बता सकता हूं कि भारतीय ठगों के खिलाफ सीबीआई, इंटरपोल और ऑस्ट्रियाई आपराधिक खुफिया सेवा के बीच सहयोग जारी है। यह इस बात का प्रमुख उदाहरण है कि अंतरराष्ट्रीय पुलिस को किस प्रकार सहयोग करना चहिए और यदि पेशेवर साथ मिलकर काम करते हैं, तो क्या हासिल किया जा सकता है।’’
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