नयी दिल्ली, 19 फरवरी दिल्ली आबकारी नीति मामले में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के अनुरोध के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रविवार को उनसे पूछताछ टाल दी।
इससे पहले, सिसोदिया ने सीबीआई से अनुरोध किया था कि आबकारी नीति मामले में उनसे पूछताछ फरवरी के आखिरी हफ्ते तक टाल देनी चाहिए, क्योंकि वह दिल्ली के बजट को अंतिम रूप देने में व्यस्त हैं।
अधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने पूछताछ टालने के सिसोदिया के आग्रह को स्वीकार कर लिया है और जल्द ही उन्हें नई तारीख दी जाएगी।
सिसोदिया ने रविवार को आरोप लगाया कि भाजपा उनसे ‘‘बदला लेने’’ के लिए जांच एजेंसी का इस्तेमाल कर रही है और उन्हें आशंका है कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में आरोप पत्र दाखिल किये जाने के करीब तीन महीने बाद सिसोदिया को रविवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
दिल्ली सरकार के वित्त विभाग का भी प्रभार संभालने वाले सिसोदिया ने कहा कि वह एक सप्ताह बाद पूछताछ के लिए उपलब्ध हो पायेंगे।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने सीबीआई को पत्र लिखा है और फरवरी के आखिरी हफ्ते तक का समय मांगा है, क्योंकि मैं दिल्ली के बजट को अंतिम रूप दे रहा हूं और यह एक अहम वक्त है। मैंने उनसे कहा है कि मैं फरवरी के आखिरी हफ्ते के बाद आऊंगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बतौर वित्त मंत्री बजट समय से पेश करना मेरा कर्तव्य है और मैं उसके लिए दिन-रात काम कर रहा हूं। मैंने सीबीआई से फरवरी के आखिरी सप्ताह के बाद प्रश्नों का उत्तर देने की अनुमति देने का अनुरोध किया है।’’
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के महापौर के चुनाव की तारीख तय करने के लिए निगम की पहली बैठक बुलाने के वास्ते नोटिस जारी करने संबंधी उच्चतम न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए आम आदमी पार्टी के नेता सिसोदिया ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘पहले तो भाजपा चुनाव हार गयी और फिर शुक्रवार को उसे उच्चतम न्यायालय में भी मुंह की खानी पड़ी। इसलिए यह उसका बदला है।’’
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