नयी दिल्ली, 19 अप्रैल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित तौर पर दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी)के लोगो का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा करने और लोगों के फोन से संवेदनशील डेटा चुराने के लिए हानिकारक सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करवाने के आरोप में पटना से एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
सीबीआई ने एक बयान में कहा कि बिट्टू कुमार को बृहस्पतिवार को पटना में एक पेट्रोल पंप से उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह नकदी निकालने के लिए डेबिट कार्ड का इस्तेमाल रहा था। आरोपी को दिल्ली लाया जा रहा है।
एजेंसी द्वारा जारी बयान में कहा गया कि सीबीआई ने 15 अप्रैल को एक महिला की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसे दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के लोगो वाले हानिकारक मोबाइल एप्लिकेशन इंस्टॉल करने के लिए धोखा दिया गया था।
एजेंसी ने बताया कि इस एप्लिकेशन के जरिये पानी के बिल के लंबित मुद्दों को हल करने और सेवा बंद होने से बचने में मदद करने का फर्जी दावा किया गया। एजेंसी ने बताया कि एक बार ऐप इंस्टॉल होने के बाद हानिकारक सॉफ्टवेयर की मदद से कुमार शिकायतकर्ता के व्हाट्सएप अकाउंट, वित्तीय डेटा और अन्य संवेदनशील जानकारी तक पहुंच मिल गई।
सीबीआई प्रवक्ता ने कहा कि कुमार ने पीड़ितों के हैक किए गए व्हाट्सएप खातों का उपयोग वायरस युक्त लिंक को प्रसारित करने में करता था, जिससे धोखाधड़ी की चपेट में आने वालों की एक श्रृंखला बन गई।
बयान में कहा गया है कि आरोपी ने खुद को वैध दिखाने के लिए डीजेबी के लोगो को अपनी प्रोफाइल तस्वीर में लगाया था।
सीबीआई के मुताबिक, ‘‘तीन स्थानों पर की गई छापेमारी में 11 मोबाइल फोन, 14 डेबिट कार्ड, नकदी, एक नकदी गिनने की मशीन और अन्य वस्तुएं बरामद हुईं।’’
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