देश की खबरें | महाराष्ट्र में 42.6 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में दो के खिलाफ मामला दर्ज

ठाणे, नौ जुलाई महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) से "सहमति" प्रमाणपत्र दिलाने के नाम पर एक निजी कंपनी से कथित तौर पर 42.6 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

ठाणे के चितलसर पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि आरोपियों में से एक कंपनी का पूर्व कर्मचारी है, जिसके देश में विभिन्न स्थानों पर 'मिक्स कंक्रीट संयंत्र' हैं।

अधिकारी ने बताया कि कंपनी अपनी तीन इकाइयों, देवनार (मुंबई), तुर्भे (नवी मुंबई) और काशीमीरा (ठाणे) के लिए एमपीसीबी से "सहमति" प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहती थी।

उन्होंने बताया कि एक आरोपी, जो उस वक्त उक्त कंपनी में काम कर रहा था उसने अन्य आरोपियों को इसके अधिकारियों से मिलवाया और दावा किया कि उसने एमपीसीबी की सहमति प्रमाणपत्र दिलवाने की व्यवस्था की थी।

अधिकारी ने बताया कि सितंबर 2021 और अप्रैल 2022 के बीच, कंपनी ने आरोपी को कथित तौर पर 42.6 लाख रुपये का भुगतान किया और उसे एमपीसीबी से "सहमति" पत्र मिला।

उन्होंने बताया, जब एमपीसीबी के अधिकारी पिछले साल निरीक्षण के लिए कंपनी के एक संयंत्र में गए, तो उन्होंने पाया कि "सहमति" पत्र फर्जी था और यह प्रदूषण नियामक निकाय द्वारा जारी नहीं किया गया था।

अधिकारी ने बताया कि कंपनी ने शुक्रवार को एक शिकायत दर्ज करवाई, जिसके आधार पर चितलसर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 420, 406 (आपराधिक विश्वासघात), 465 (जालसाजी), 468 (जालसाजी के लिए सजा) और 34 के तहत मामला दर्ज किया।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

साजन शोभना

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