नयी दिल्ली, 10 मार्च सरकार ने सोमवार को लोकसभा में यह जानकारी दी कि चालू वित्त वर्ष में दिसंबर 2024 तक कार्ड, ऑनलाइन माध्यमों से और डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी के कारण लोगों को कुल 107 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि पूरे वित्त वर्ष 2023-24 (अप्रैल-मार्च) में इस तरह की धोखाधड़ी से 177 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। धोखाधड़ी के ऐसे कुल 29,082 मामले हैं, जिनमें राशि एक लाख रुपये या उससे अधिक थी।
मौजूदा वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि में धोखाधड़ी के 13,384 मामले सामने आए, जिनमें आम लोगों को 107.21 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
चौधरी ने कहा, ‘‘देश में डिजिटल भुगतान लेन-देन बढ़ने के साथ डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी सहित अन्य प्रकार की धोखाधड़ी के मामले भी पिछले कुछ वर्षों में बढ़े हैं।’’
उन्होंने कहा कि वर्ष 2022-23 में 69.68 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने वाले धोखाधड़ी के ऐसे 6,699 मामले सामने आए, जबकि वर्ष 2021-22 में 80.33 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने वाले 3,596 मामले सामने आए थे।
चौधरी ने यह भी कहा कि साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए सरकार समय-समय पर कई पहल करती है। इनमें सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए साइबर सुरक्षा उपायों और किशोरों/छात्रों के लिए एक पुस्तिका का प्रकाशन शामिल है।
उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और वाणिज्यिक बैंक भी एसएमएस, रेडियो पर जागरूकता अभियान के साथ-साथ, 'साइबर अपराध' की रोकथाम के लिए प्रचार के अन्य माध्यम से जागरूकता अभियान चला रहे हैं।
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