मेट्रो परियोजना के लिए चीन की कंपनी के साथ हुआ अनुबंध रद्द करें: एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड
लद्दाख में चीन के सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैन्यकर्मियों के शहीद होने के बाद महाराष्ट्र के मंत्री और राकांपा नेता जितेंद्र आव्हाड ने दिल्ली-मेरठ मेट्रो के काम के लिए चीन की कम्पनी को दिये गए ठेके को रद्द करने की मांग की है. उन्होंने इस पर आश्चर्य जताते हुए केंद्र से चीन को सबक सिखाने की मांग की.
मुंबई, 18 जून: लद्दाख में चीन के सैनिकों के साथ हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैन्यकर्मियों के शहीद होने के बाद महाराष्ट्र के मंत्री और राकांपा नेता जितेंद्र आव्हाड (Jitendra Awhad) ने दिल्ली-मेरठ मेट्रो के काम के लिए चीन की कम्पनी को दिये गए ठेके को रद्द करने की मांग की है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party) के नेता ने बुधवार को अनुबंध रद्द करने की मांग करते हुए ट्वीट किया, "आत्मनिर्भर भारत की बात करने के बाद ठेका चीन की कम्पनी को दे दिया गया. किसने ठेका दिया? रेलवे किसके अधिकार क्षेत्र में आता है? क्या केन्द्र के नहीं?"
मंत्री ने कहा, "12 जून को दिल्ली-मेरठ मेट्रो परियोजना का काम भारतीय कम्पनी ‘एल एंड टी’ को नजरअंदाज करते हुए चीन की कम्पनी 'शंघाई टनल इंजीनियरिंग कंपनी' को दे दिया गया. फिर 15 जून को चीन ने हमारे 20 जवान को मार दिया. यह कैसी विदेश नीति है?"
उन्होंने इस पर आश्चर्य जताते हुए केंद्र से चीन को सबक सिखाने की मांग की. एक आधिकारिक बयान के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को चीन की तीन कम्पनियों के साथ कुल 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 18, 2020 12:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

