PM Modi Breakfast Meeting: पीएम मोदी ने पार्थ पवार से मराठी में की बात, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार का जाना हाल-चाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में एनडीए के नवनिर्वाचित सांसदों के साथ नाश्ते पर अनौपचारिक बैठक की. इस दौरान पीएम मोदी ने एनसीपी सांसद पार्थ पवार से मराठी में बातचीत करते हुए उनकी मां और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार का हाल-चाल पूछा.
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 की सुबह अपने आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नवनिर्वाचित सांसदों के लिए नाश्ता (Breakfast) बैठक का आयोजन किया.
संसद के मानसून सत्र के दौरान आयोजित इस अनौपचारिक बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के सांसद पार्थ पवार (Parth Pawar) से मराठी भाषा में बात की और उनकी मां व महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार (Sunetra Pawar) के स्वास्थ्य और कुशलक्षेम के बारे में जानकारी ली. यह भी पढ़ें: PM Modi Breakfast Meeting: पीएम मोदी ने एनडीए के नवनिर्वाचित और पहली बार बने लोकसभा सांसदों को ब्रेकफास्ट पर बुलाया; संसदीय कामकाज और क्षेत्र के मुद्दों पर चर्चा
"मां कैसी हैं? उनका ख्याल रखना": पीएम मोदी की आत्मीय बातचीत
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पार्थ पवार से आत्मीय लहजे में पूछा, "आई कशी आहे?" (मां कैसी हैं?) और फिर उन्हें सलाह दी कि "त्यांची काळजी घे" (उनका ध्यान रखना).
एनसीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के असामयिक निधन के बाद सुनेत्रा पवार ने फरवरी 2026 में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी. प्रधानमंत्री का यह आत्मीय संवाद पवार परिवार के साथ उनके व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंधों को दर्शाता है.
एनडीए एक अटूट 'परिवार' है: पीएम मोदी
मानसून सत्र के व्यस्त कार्यक्रम के बीच आयोजित इस संवाद सत्र में एनडीए के 26 नए शामिल हुए सांसदों ने भाग लिया. इनमें तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग होकर बने गुट नेशनल सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के 20 सांसद और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना से जुड़े 6 सांसद शामिल थे.
सांसदों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि एनडीए एक एकजुट परिवार की तरह काम करता है. उन्होंने नए सहयोगियों को आश्वस्त किया कि गठबंधन के सभी घटक दलों को समान सम्मान और अवसर मिलेगा.
"मैं केवल किसी एक दल का नहीं, बल्कि एनडीए के हर सांसद के साथ खड़ा हूं. आपको किसी भी बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है." — नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
नए सांसदों को संसदीय मर्यादा और बहस की सलाह
संसद को "लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर" बताते हुए प्रधानमंत्री ने बार-बार होने वाले हंगामे और व्यवधान पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि लगातार शोर-शराबे के कारण नए सांसदों को बहस में भाग लेने का अवसर नहीं मिल पाता, जो उनके साथ अन्याय है.
प्रधानमंत्री ने सांसदों को मुख्य रूप से तीन बातें ध्यान रखने की सलाह दी:
- संसदीय बहस पर ध्यान दें: नारेबाजी और आक्रामक रुख अपनाने के बजाय सदन की कार्यवाही और चर्चाओं में सक्रियता से भाग लें.
- संसदीय इतिहास का अध्ययन करें: भारतीय संसद के इतिहास, नियमों और प्रक्रियाओं के क्रमिक विकास को समझने के लिए समय निकालें.
- जनता से सीधा संवाद: सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों को अपने क्षेत्र की जनता तक पहुंचाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग करें.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 07, 2026 04:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

