विदेश की खबरें | कनाडा के अधिकारियों ने ब्रैम्पटन शहर में श्री भगवद गीता पार्क में तोड़फोड़ से इनकार किया
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टोरंटो, तीन अक्टूबर कनाडा के अधिकारियों ने ब्रैम्पटन शहर में हाल में उद्घाटित किए गए ‘श्री भगवद गीता’ पार्क में तोड़फोड़ की घटना से इनकार किया है और स्पष्ट किया है कि कथित खाली जगह को मरम्मत कार्य के दौरान छोड़ा गया था। भारत द्वारा घटना की निंदा किए जाने और शहर के प्रशासन से इस संबंध में त्वरित कार्रवाई करने का अनुरोध किए जाने के कुछ देर बाद अधिकारियों की यह प्रतिक्रिया सामने आई है।
इस पार्क को पहले ट्रॉयर्स पार्क के नाम से जाना जाता था और बाद में इसका नामकरण श्री भगवद गीता पार्क किया गया जिसका उद्घाटन 28 सितंबर को किया गया था।
कनाडा में भारत के उच्चायुक्त ने रविवार को ट्वीट किया, ‘‘हमलोग ब्रैम्पटन में श्री भगवद गीता पार्क में घृणा अपराध की निंदा करते हैं। हम कनाडा के अधिकारियों और पुलिस से मामले की जांच करने और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई का अनुरोध करते हैं।’’
ब्रैम्पटन के महापौर पैट्रिक ब्राउन ने रविवार रात को ट्विटर पर मामले में सफाई दी। ब्रैम्पटन कनाडा के ओंटारियो प्रांत में एक शहर है।
ब्राउन ने ट्वीट किया, ‘‘हाल में उद्घाटन किए गए भगवद गीता पार्क में तोड़फोड़ से संबंधित कल की रिपोर्ट के बाद हमने मामले में जांच के लिए त्वरित कार्रवाई की। हमें पता चला कि बिल्डर ने वह कथित जगह छोड़ी थी ताकि वहां श्री भगवद गीता पार्क के स्थायी निशान को लगाया जा सके।’’
ब्राउन ने यह मुद्दा उठाने के लिए भारतीय समुदाय का धन्यवाद किया और कहा, ‘‘हमें खुशी है कि यह मुद्दा सामने आया। यह मुद्दा हमारे ध्यान में लाने और ब्रैम्पटन को एक सुरक्षित एवं समावेशी जगह बनाने के लिए हम समुदाय (भारतीय) का धन्यवाद करते हैं।’’
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘खाली जगह मरम्मत के दौरान छोड़ी गई थी। यह कोई आम प्रक्रिया नहीं है क्योंकि हम तब तक कोई निशान नहीं हटाते हैं जब तक कि वह क्षतिग्रस्त नहीं हो जाए या उसका नाम नहीं बदला जाए।’’
पील रिजनल पुलिस ने भी कहा, ‘‘पार्क में किसी भी स्थायी निशान या ढांचे के तोड़फोड़ के कोई साक्ष्य नहीं है।’’ पुलिस ने ट्वीट किया, ‘‘स्थायी निशान को वहां अभी लगाया जाना बाकी है और यह एक अस्थायी निशान है जो पार्क के नामकरण के दौरान लगाया गया था।’’
पिछले महीने भारत ने कनाडा में अपने नागरिकों को ‘‘घृणा अपराध, सांप्रदायिक हिंसा और भारत विरोधी गतिविधियों’’ का हवाला देते हुए परामर्श जारी किया था। परामर्श में कहा गया था, ‘‘अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए भारतीय नागरिकों और कनाडा में भारत के छात्रों और यात्रा/शिक्षा के लिए कनाडा जाने वालों को सलाह दी जाती है कि वे सावधानी बरतें और सतर्क रहें।’’
पंद्रह सितंबर को ‘‘कनाडा के खालिस्तानी चरमपंथियों’’ ने घृणा अपराध के तहत एक प्रमुख हिंदू मंदिर बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर की दीवारों पर भारत विरोधी आकृतियां उकेर कर उसे विकृत कर दिया था।
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