जंगल की आग से निपटने के लिए सेना तैनात करेगा कनाडा

कनाडा सरकार ने ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में जंगल की आग से निपटने के लिए सेना तैनात करने की योजना बनाई है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

कनाडा सरकार ने ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में जंगल की आग से निपटने के लिए सेना तैनात करने की योजना बनाई है. वनाग्नि से कुछ शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है.कनाडा के प्रधामंत्री जस्टिन ट्रूडो ने 20 अगस्त को कहा कि प्रशासन ने ब्रिटिश कोलंबिया में तेजी से फैल रही जंगल की आग से निपटने के लिए सेना तैनात करने की योजना बनाई जा रही है. आग से जूझ रहे पश्चिमी प्रांत से करीब 35,000 से लोगों को इलाका खाली करने का आदेश दिया गया है. ट्रूडो ने ट्विटर के माध्यम से घोषणा में कहा कि संघीय सरकार ब्रिटिश कोलंबिया सरकार के अनुरोध के जवाब में निकासी, स्टेजिंग और लॉजिस्टिक संचालन में मदद के लिए कनाडाई सेना से मदद करेगी.

ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत नेजंगल की आग के कारण आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी है. बचाए गए लोगों और और दमकलकर्मियों को आवास देने के लिए गैर-आवश्यक यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. ड्रोन ऑपरेटरों और फोटोग्राफरों को बचाव कार्यों में दखल देने से बचने के लिए कहा गया है.

ब्रिटिश कोलंबिया के कुछ शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच चुकी है. QAir के अनुसार, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 350 से अधिक हो गया है, जो खतरनाक स्थिति का संकेत देता है. आधी रात को, सैल्मन आर्म में यह आंकड़ा 470 तक पहुंच गया. केलोना कॉलेज और सिकैमस में भी यह 423 पहुंच गया.

20,000 एकड़ से अधिक जंगल जल गए

वेस्ट केलोना के फायर चीफ जेसन ब्रोलुंड ने कहा कि पिछले चार दिनों से भीषण आग से जूझने के बाद उन्हें कुछ उम्मीद नजर आई है. स्थितियों में सुधार हुआ है. करीब 1,50,000 की आबादी वाला यह शहर आग की लपटों का सामना कर रहा था.

उन्होंने कहा, "चीजें बेहतर दिख रही हैं. आखिरकार हमें ऐसा महसूस हो रहा है कि हम पीछे जाने के बजाय आगे बढ़ रहे हैं और यह एक बेहतरीन एहसास है.'' हालांकि, उन्होंने मैकडॉगल क्रीक आग को लेकर आने वाले मुश्किल दिनों की चेतावनी भी दी.

कुछ विशेषज्ञों ने इसके पीछे जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार ठहराया. गंभीर सूखे के कारण लगी आग अमेरिकी सीमा और अमेरिकी प्रशांत नॉर्थवेस्ट के पास के क्षेत्रों को भी प्रभावित कर रही है. वाशिंगटन और कनाडा दोनों में जंगल की आग से काफी नुकसान हो रहा है. वाशिंगटन में, ग्रे फायर और ओरेगॉन रोड फायर से 20,000 एकड़ से अधिक जंगल जल गए और 100 से अधिक इमारतें तबाह हो चुकी हैं.

हजारों लोगों को घर छोड़ना पड़ा

बड़े पैमाने पर जंगल की आग ने कनाडा में लगभग 1,40,000 वर्ग किमी जमीन को तबाह कर दिया है. यह आकार में न्यूयॉर्क राज्य के बराबर क्षेत्र है. आग की वजह से धुएं जैसी धुंध अमेरिका के पूर्वी तट तक भी पहुंच गई है. उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र की राजधानी येलोनाइफ में जंगल की आग ने कहर बरपाया है, जिससे लगभग सभी 20,000 निवासियों को घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है.

जरा सी राहत की बात यह है कि हाल की बारिश और ठंडे तापमान के कारण आग कुछ कमजोर पड़ी है.

पीवाई/ओएसजे (रॉयटर्स)

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