नयी दिल्ली, 11 दिसंबर दिल्ली की अदालत ने शुक्रवार को मंडोली जेल के प्राधिकारियों से पूछा कि क्या इस साल फरवरी में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों के आरोप में बंद कैदी को दूसरी जेल में स्थानांतरित किया जा सकता है।
बता दें कि आरोपी तनवीर मलिक ने जेल प्राधिकारियों पर उसकी बुरी तरह से पिटाई करने का आरोप लगाया है।
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मलिक को फरवरी में दयालपुर इलाके में हुए सांप्रदायिक हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है और उसने आरोप लगाया है कि आठ दिसंबर को उसकी पिटाई की गई और अस्पताल में चिकित्सा जांच के लिए भी उसे नहीं ले जाया गया।
मुख्य मेट्रोपॉलिटन मिजिस्ट्रेट दिनेश कुमार ने जेल प्राधिकारियों द्वारा मामले की जांच करने के लिए और समय मांगे जाने पर जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि वह यथाशीघ्र जांच पूरी करें।
जेल प्राधिकारियों ने अपने जवाब में कहा कि मलिक को अस्पताल ले जाया गया था और अस्पताल से ही इलाज करवाया गया। उन्होंने मलिक के आरोपों की जांच के लिए और समय देने का अनुरोध किया।
मामले की सुनवाई के दौरान मलिक ने आरोप लगाया कि उसे कल से खाना नहीं दिया गया है और जेल अधिकारी समझौता करने के लिए दबाव बना रहे हैं और ऐसा नहीं करने पर जेल में रहना मुश्किल करने की धमकी दे रहे हैं।
इसपर अदालत ने जेल अधीक्षक को नए आरोपों की भी यथाशीघ्र जांच करने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 18 दिसंबर तक स्थगित कर दी।
इससे पहले अदालत ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि रिर्पोट दाखिल करने से पहले वह मलिक का सरकारी अस्पताल से चिकित्सा परीक्षण कराए।
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