Uttar Pradesh: पुलिस की कथित पिटाई से कारोबारी की मौत : सपा-बसपा ने की सीबीआई जांच की मांग
समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने गोरखपुर जिले में कथित रूप से पुलिस कर्मियों द्वारा बर्बरतापूर्ण पिटाई किए जाने से एक कारोबारी की मौत के मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है.
कानपुर/लखनऊ (उत्तर प्रदेश), 30 सितंबर : समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने गोरखपुर जिले में कथित रूप से पुलिस कर्मियों द्वारा बर्बरतापूर्ण पिटाई किए जाने से एक कारोबारी की मौत के मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने बृहस्पतिवार को कानपुर जाकर मृतक व्यवसायी के परिजन से मुलाकात की. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि इस घटना में तब तक न्याय मिलना मुश्किल है जब तक मामले की सीबीआई से या उच्च न्यायालय के किसी सेवारत न्यायाधीश की निगरानी में जांच ना हो. उधर, बसपा मुखिया मायावती ने भी एक ट्वीट कर कहा कि घटना की गंभीरता और परिवार की व्यथा को देखते हुए मामले की सीबीआई जाँच जरूरी है. सपा के एक प्रवक्ता ने बताया कि पिछले सोमवार को गोरखपुर के रामगढ़ ताल इलाके के एक होटल में देर रात पुलिस द्वारा बेरहमी से पिटाई किए जाने के कारण जान गंवाने वाले व्यापारी मनीष गुप्ता के परिजनों से कानपुर में मुलाकात करने के बाद संवाददाताओं से अखिलेश ने कहा कि लोगों को सुरक्षा देना पुलिस की जिम्मेदारी है लेकिन उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में पुलिस सुरक्षा देने के बजाय लोगों की जान ले रही है.
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में झांसी में भी ऐसी ही घटना हुई थी जिसमें पुलिसकर्मियों ने पुष्पेंद्र यादव नामक व्यक्ति की हत्या कर दी थी. अखिलेश ने कहा "गोरखपुर की घटना में तब तक न्याय मिलना मुश्किल है जब तक सीबीआई जांच या उच्च न्यायालय के किसी सेवारत न्यायाधीश की निगरानी में जांच ना हो." उन्होंने मृतक के परिवार को दो करोड़ रुपये की मदद और मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग करते हुए ऐलान किया कि समाजवादी पार्टी भी परिवार को 20 लाख रुपये की सहायता देगी. बसपा अध्यक्ष मायावती ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा "गोरखपुर की पुलिस द्वारा तीन व्यापारियों के साथ होटल में बर्बरता व उसमें से एक की मौत के प्रथम दृष्टया दोषी पुलिसवालों को बचाने के लिए मामले को दबाने का प्रयास घोर अनुचित है. घटना की गंभीरता और परिवार की व्यथा को देखते हुए मामले की सीबीआई जाँच जरूरी है."
उन्होंने कहा "आरोपी पुलिसवालों के विरूद्ध पहले हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं करना, और फिर जन आक्रोश के कारण मुकदमा दर्ज होने के बावजूद उन्हें गिरफ्तार नहीं करना, सरकार की नीति व नीयत दोनों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है. सरकार पीड़िता को न्याय, उचित आर्थिक मदद व सरकारी नौकरी दे, बसपा की यही माँग है." अखिलेश ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में पुलिस का ऐसा व्यवहार किसी अन्य पार्टी के शासनकाल के दौरान देखने को नहीं मिला. उन्होंने आरोप लगाया "पुलिस लगातार भाजपा की सरकार में लूट और हत्या में शामिल है. जब आप पुलिस और जिलाधिकारी से गलत काम कराएंगे तब यही अंजाम होगा. पुलिस और अधिकारियों पर इसीलिए कार्रवाई नहीं हो रही है क्योंकि सरकार ने इन्हीं से गलत काम कराए हैं." सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ है. गौरतलब है कि गत सोमवार को देर रात गोरखपुर जिले के रामगढ़ ताल इलाके में एक होटल में पूछताछ के दौरान कथित रूप से पुलिस द्वारा मारे पीटे जाने से कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता (36) की मृत्यु हो गई थी. इस मामले में आरोपी छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है. सभी को निलंबित भी किया जा चुका है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 30, 2021 01:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

