विदेश की खबरें | मेरी इमारत जला दो लेकिन न्याय मिलना चाहिए : भारतीय व्यंजन के रेस्तरां का मालिक

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अमेरिका के मिनीपोलिस में अश्वेत व्यक्ति जॉज फ्लॉयड की हत्या के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के दौरान शहर के एक प्रसिद्ध भारतीय व्यंजन के रेस्तरां को प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया, जिस पर उसके मालिक ने कहा कि भले मेरी इमारत जला दो लेकिन न्याय मिलना चाहिए।

वॉशिंगटन, 31 मई अमेरिका के मिनीपोलिस में अश्वेत व्यक्ति जॉज फ्लॉयड की हत्या के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के दौरान शहर के एक प्रसिद्ध भारतीय व्यंजन के रेस्तरां को प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया, जिस पर उसके मालिक ने कहा कि भले मेरी इमारत जला दो लेकिन न्याय मिलना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि रेस्तरां में काम करने वाले अफ्रीकी अमेरिकी नागरिक फ्लॉयड की सोमवार को उस समय मौत हो गई थी जब एक श्वेत पुलिस अधिकारी ने घुटने से उसका गला दबा दिया था। इसका वीडियो वायरल होने के बाद पूरे अमेरिका में प्रदर्शन शुरू हो गए। हालांकि, आरोपी पुलिस अधिकारी को बर्खास्त कर दिया गया है और शुक्रवार को उसके खिलाफ थर्ड डिग्री की हत्या और मानव वध का मामला दर्ज किया गया।

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हत्या के विरोध में मिनीपोलिस में हो रहे प्रदर्शन के दौरान पुलिस विभाग के थर्ड प्रीसिंट मुख्यालय से महज कुछ कदमों की दूरी पर स्थित गांधी महल रेस्तरां को बृहस्पतिवार रात को आग के हवाले कर दिया गया।

रेस्तरां के मालिक 42 वर्षीय बांग्लादेशी रुहेल इस्लाम हैं। परिवार के आय के मुख्य साधन का नुकसान होने के बावजूद उन्होंने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है।

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रुहेल की 18 वर्षीय बेटी हफ्सा इस्लाम का इस संबंध में फेसबुक पोस्ट वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने कहा, ‘‘ यह दुखद है कि गांधी महल में आग लगी और उसमें नुकसान हुआ है। हालांकि, हम उम्मीद नहीं खोएंगे। मैं अपने पड़ोसियों की आभारी हूं जिन्होंने गांधी महल को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया। आपकी कोशिशों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हमारे लिए चिंतित नहीं हों, हम इसे दोबारा बनाएंगे और इससे उबरेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने पिता के पास बैठी हूं और समाचार देख रही हूं। मैंने उन्हें फोन पर यह कहते हुए सुना कि इमारत को जल जाने दो लेकिन न्याय मिलना चाहिए, उन अधिकारियों को जेल में डालो। गांधी महल ने शायद आंच महसूस की है लेकिन हमारे समुदाय की मदद, रक्षा और साथ खड़े होने की हमारी आग कभी शांत नहीं होगी।’’

गौरतलब है कि गांधी महल रेस्तरां को 2008 में आई महामंदी के दौरान खोला गया था। हालांकि, इस्लाम अहिंसक प्रदर्शन में विश्वास करते हैं और उन्होंने अपने रेस्तरां का नाम महात्मा गांधी के सम्मान में रखा था। साथ ही वह मिनीपोलिस के कई निवासियों की निराशा के प्रति सहानुभूति भी रखते हैं।

रुहेल ने ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ अखबार से कहा, ‘‘मैं शांतिपूर्ण और अहिंसक आंदोलन को प्रोत्साहित करना जारी रखूंगा लेकिन हमारी युवा पीढ़ी क्रोधित है और उनकी नाराजगी की वजह है।’’

सामुदायिक सेवा के लिए रुहेल के परिवार का इलाके में सम्मान किया जाता है। उनका रेस्तरां जलवायु परिवर्तन के खिलाफ और किसानों और कलाकारों के समर्थन के लिए किए जा रहे अंतर धार्मिक प्रयासों का केंद्र है।

हफ्सा ने कहा, ‘‘ हम केवल वही कर रहे हैं जिससे हमारे समुदाय की मदद हो सके। निश्चित तौर पर हमारा कारोबार है और निश्चित रूप से हम अपना घर चलाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन इन सबसे अधिक हम अपने लोगों को लेकर चिंतित हैं।’’

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