एजेंसी न्यूज

ताजा खबरें | जनता की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं के साथ ‘महाविश्वासघात’ है बजट: कांग्रेस

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. कांग्रेस ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए पेश केंद्रीय बजट को देश की जनता की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं के साथ ‘महाविश्वासघात’ करार देते हुए सोमवार को कहा कि इसमें बेरोजगारी, महंगाई, कृषि संकट और कई अन्य चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

ताजा खबरें | जनता की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं के साथ ‘महाविश्वासघात’ है बजट: कांग्रेस

नयी दिल्ली, सात फरवरी कांग्रेस ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए पेश केंद्रीय बजट को देश की जनता की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं के साथ ‘महाविश्वासघात’ करार देते हुए सोमवार को कहा कि इसमें बेरोजगारी, महंगाई, कृषि संकट और कई अन्य चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

लोकसभा में वर्ष 2022-23 के केंद्रीय बजट पर सामान्य चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस के नेता शशि थरूर ने यह आरोप भी लगाया कि ‘‘मानो किसानों के लिए यह ‘रिवेंज बजट’ (बदला लेने वाला बजट) है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कोविड महामारी की दूसरी लहर में देश के लोगों को बहुत दुख का सामना करना पड़ा। आज 5 लाख लोगों की मौत की बात आधिकारिक रूप से दर्ज है, अनाधिकारिक रूप से यह कहीं ज्यादा है।’’

लोकसभा सदस्य ने कहा, ‘‘लोगों को उम्मीदें थीं। पहली यह है कि सरकार यह स्वीकार करेगी कि देश मुश्किल का सामना कर रहा है। बेरोजगारी चरम स्तर पर है। करोड़ों लोग गरीबी से घिर गए हैं, मध्य वर्ग के लोग महंगाई से परेशान हैं।’’

उनके मुताबिक, लोगों को यह उम्मीद भी थी कि ‘‘सरकार की ओर से पैदा की गई त्रासदियों’’ को दूर करने के लिए वह ठोस कदम उठाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि आयकर कम करके या आयकर की सीमा बढ़ाकर मध्य वर्ग को राहत दी जा सकती थी, आर्थिक असमानता को दूर करने का प्रयास हो सकता था, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देकर और उर्वरकों पर छूट देकर मदद की जा सकती थी।

उन्होंने कहा कि लोगों को राहत देने की बजाय इस बजट में विपरीत किया गया। थरूर ने कहा कि मनरेगा का बजट काट दिया गया, महंगाई को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा, ‘‘किसानों के लिए यह ‘रिवेंज बजट’ (बदला लेने वाला बजट) है।’’

थरूर ने दावा किया, ‘‘इस सरकार ने हमारे देश में अतिक्रमण से सबक नहीं लिया है। रक्षा बलों के आधुनिकीकरण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया...शिक्षा के बजट को बढ़ाने के लिए कोई सबक नहीं लिया...ये लोग अभी कुछ नहीं कर रहे हैं, बल्कि चीजों को टाल रहे हैं।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह बजट लोगों की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं के साथ महाविश्वासघात है।’’

थरूर ने सवाल किया, ‘‘पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमत में लगातार बढ़ोतरी हुई है। क्या यह इको सिस्टम की वजह से हुआ है?’’

उन्होंने यह भी दावा किया कि देश में बेरोजगारी की दर बांग्लादेश और वियतनाम से ज्यादा हो गई है।

उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अच्छी बात है कि सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने के संदर्भ में कुछ नहीं कहा।

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘सरकार अगले 25 साल की और अमृतकाल की बात कर रही है, लेकिन आज लोग अंधकाल का सामना कर रहे हैं।’’

इस दौरान विपक्षी दलों के कुछ सदस्यों ने सदन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अनुपस्थिति को लेकर विरोध दर्ज कराया।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ‘‘बजट पर चर्चा बहुत बड़ा मौका है, लेकिन वित्त मंत्री अनुपस्थित हैं। यह ठीक नहीं है।’’

पीठासीन सभापति ए राजा ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वित्त मंत्री थोड़ी व्यस्त हैं।’’

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सुप्रिया सुले ने कहा कि सदन में कम से कम कोई कैबिनेट मंत्री होने चाहिए।

वित्त राज्य मंत्री भागवत कराड़ ने कहा कि जो-जो बातें की जा रही हैं, मैं ध्यान से सुन रहा हूं। उन्होंने कहा कि जो बातें थरूर जी ने कही हैं, उसको नोट किया है, उसका जवाब दिया जाएगा।

कुछ देर के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सदन में दो कैबिनेट मंत्री मौजूद हैं और वित्त राज्य मंत्री भी उपस्थित हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 07, 2022 08:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).