नयी दिल्ली, एक फरवरी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने शनिवार को पेश केंद्रीय बजट को ‘निराशाजनक’ करार दिया और कहा कि सिर्फ दिल्ली तथा बिहार के मतदाताओं को रिझाने की कोशिश की गई है जो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘‘अल्पकालिक सोच’’ को दिखाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कहा कि देश को अर्थव्यवस्था से जुड़े संकट से बाहर निकालने के लिए कहीं अधिक दूरदर्शी दृष्टिकोण की आवश्यकता थी।
लोकसभा सदस्य थरूर ने ‘पीटीआई’ के मुख्यालय में समाचार एजेंसी को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण के दौरान उनसे ‘महंगाई’ और ‘बेरोजगारी’ शब्द भी सुनने को नहीं मिले।
नयी कर व्यवस्था के तहत सालाना 12 लाख रुपये तक की आय को कर के दायरे से मुक्त रखे जाने के बारे में पूछे जाने पर थरूर ने कहा कि इससे सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को फायदा होगा और बिहार के लिए मुफ्त की घोषणाओं से भी वोट मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह सत्ताधारी दल की ‘‘अल्पकालिक सोच’’ है।
थरूर का कहना था, ‘‘सच्चाई यह है कि यदि आपके पास नौकरी है और आप 12 लाख रुपये या उससे कम कमा रहे हैं, तो आपके पास खुश होने का कारण है। यदि आपके पास नौकरी नहीं है, तो इस बजट से यह स्पष्ट नहीं है कि नौकरी कहां से आएगी। यदि आप बिहार में रह रहे हैं और आप (भाजपा की) सहयोगी पार्टी से हैं, तो इसमें कोई संदेह नहीं है कि आपको चुनाव में मदद मिलेगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली के मतदाताओं के लिए मध्य वर्ग के कर में कटौती और बिहार के लिए बहुत सारी सौगात हैं। लेकिन यह वही पार्टी है जो ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की बात करती है। मुझे यकीन है कि आंध्र प्रदेश के लोग सोच रहे हैं कि यह हमारे यहां भी इस समय चुनाव होता तो हमें भी बहुत सारी मुफ्त चीज़ें मिलतीं।’’
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे पता चलता है कि अलग-अलग वर्षों में अलग-अलग चुनाव होना अच्छा है क्योंकि तब बिहार को उससे कहीं अधिक फायदा होगा।
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