ताजा खबरें | बजट संघवाद की भावना के खिलाफ, सिर्फ अमीरों पर ध्यान दिया गया : तृणमूल
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. राज्यसभा में बुधवार को तृणमूल कांग्रेस ने आम बजट की तीखी आलोचना की और कहा कि यह संघवाद की भावना के खिलाफ है जिसमें सिर्फ देश के धनी एवं कार्पोरेट जगत का ख्याल रखा गया है।
नयी दिल्ली, 24 जुलाई राज्यसभा में बुधवार को तृणमूल कांग्रेस ने आम बजट की तीखी आलोचना की और कहा कि यह संघवाद की भावना के खिलाफ है जिसमें सिर्फ देश के धनी एवं कार्पोरेट जगत का ख्याल रखा गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में केंद्रीय बजट (2024-25) पेश किया था।
उच्च सदन में केंद्रीय बजट (2024-25) पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए तृणमूल कांग्रेस सदस्य जवाहर सरकार ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बजट की निंदा करते हुए कहा कि एक ओर यह संघवाद की भावना के खिलाफ है वहीं इसमें आम लोगों के कल्याण पर जोर नहीं दिया गया है।
सरकार ने कहा कि केंद्र मनरेगा, आवास, ग्राम सड़क योजना सहित विभिन्न मदों में पश्चिम बंगाल के बकाए का भुगतान नहीं कर रहा है और राशि जारी करने के लिए शर्तें थोप रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल के खिलाफ ‘आर्थिक युद्ध’ चला रही है क्योंकि राज्य में भाजपा को सफलता नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत को स्वीकार नहीं करती और न ही वह जातिवाद में विश्वास करती है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।’’
उन्होंने दावा किया कि सरकार राज्यों के साथ भेदभाव कर आग से खेल रही है और उसे लोगों की भावना के साथ नहीं खेलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस बजट के जरिए सरकार ने एक अच्छा अवसर गंवा दिया। उन्होंने कहा कि बजट में सोना, चांदी, प्लैटिनम आदि का जिक्र है जिसका संबंध धनी लोगों से है लेकिन इसमें आम लोगों या छोटी बचत योजनाओं का कोई जिक्र नहीं है।
उन्होंने बजट में गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसमें पंजाब या पश्चिम बंगाल जैसे उन राज्यों का कोई जिक्र नहीं है जहां हाल में संपन्न लोकसभा चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था।
तृणमूल सदस्य सरकार ने आरोप लगाया कि यह सरकार कार्पोरेट जगत के हित में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि देश में निजी आय कर की मात्रा में वृद्धि हो रही है जबकि कार्पोरेट आयकर में कमी आ रही है। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण देश में पूंजी निर्माण नहीं हो रहा है।
चर्चा में भाग लेते हुए द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सदस्य एन आर इलांगो ने बजट को राजनीतिक करार दिया। उन्होंने कहा कि उनके राज्य तमिलनाडु की कई मांगें थीं जिन पर विचार नहीं किया गया क्योंकि वहां चुनाव में भाजपा को कुछ नहीं मिला।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट कुछ के तुष्टीकरण के लिए और क्षेत्रीय असमानता को बढ़ावा देने वाला है। उन्होंने बजट में घोषित पूर्वोदय योजना का जिक्र किया और इस योजना में आंध्र प्रदेश को शामिल करने पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने तमिलनाडु के साथ सौतेला व्यवहार किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनका राज्य शुरू से नीट परीक्षा के खिलाफ रहा है और नीट की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट में घोटाला है।
द्रमुक सदस्य ने कहा कि नीट के खिलाफ तमिलनाडु विधानसभा ने विधेयक पारित किया गया है जो अभी केंद्र के पास है। उन्होंने केंद्र से मांग की कि वह जल्द से जल्द उस विधेयक को मंजूरी दे।
चर्चा में भाग लेते हुए आम आदमी पार्टी (आप) सदस्य संजीव अरोड़ा ने बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आवंटन में वृद्धि करने की मांग की। उन्होंने कहा कि 2017 की एक नीति में कहा गया था कि बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 2.5 प्रतिशत आवंटन होना चाहिए लेकिन इस बार के बजट में भी यह आवंटन दो प्रतिशत से कम है। उन्होंने कहा कि कई देशों में बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आवंटन आठ से 12 प्रतिशत के बीच है।
अरोड़ा ने कहा कि कई रोगों के इलाज के लिए विदेशों से दवाइयां आयात की जाती हैं जो काफी महंगी होती हैं और उनके आयात पर करोड़ों रूपए खर्च होते हैं। उन्होंने देश में ही आर एंड डी (अनुसंधान एवं विकास) पर जोर दिए जाने का भी सुझाव दिया।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 24, 2024 05:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

