देश की खबरें | बीएसएफ- पाक रेंजर्स ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ‘फ्लैग मीटिंग’ की, पाकिस्तानी घुसपैठिए का शव सौंपा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में अतंरराष्ट्रीय सीमा के करीब पाकिस्तानी रेंजर्स के साथ मंगलवार को ‘फ्लैग मीटिंग’ की और मारे गए पाकिस्तानी घुसपैठिए का शव रेंजर्स को सौंपा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

जम्मू, 24 नवंबर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में अतंरराष्ट्रीय सीमा के करीब पाकिस्तानी रेंजर्स के साथ मंगलवार को ‘फ्लैग मीटिंग’ की और मारे गए पाकिस्तानी घुसपैठिए का शव रेंजर्स को सौंपा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उल्लेखनीय है कि बीएसएफ ने सांबा जिले से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ कर रहे पाकिस्तानी घुसपैठिए को सोमवार को मार गिराया था।

यह भी पढ़े | चक्रवाती तूफान ‘निवार’ के कारण चेन्नई एयरपोर्ट से उड़ने वाली फ्लाइट्स हो सकती हैं प्रभावित: 24 नवंबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

यह घटना चेक फकीरा सीमा चौकी के नजदीक उस समय हुई जब बीएसएफ जवानों ने सीमा पर संदिग्ध हरकत देखी जिसमें एक व्यक्ति सुरक्षा घेरा पार कर भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश कर रहा था।

बीएसएफ के प्रवक्ता ने बताया, ‘‘ सोमवार को सीमा पर सुरक्षा बाड़ के पास मारे गए पाकिस्तानी घुसपैठिए का शव लौटाने के लिए पाकिस्तान रेंजर्स के साथ सीमा चौकी संख्या-64 के नजदीक बैठक हुई।’’

यह भी पढ़े | Delhi: छेड़छाड़ से तैयार अश्लील फोटो सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देकर पैसे ऐंठने के आरोप, 2 गिरफ्तार.

उन्होंने बताया कि फ्लैग मीटिंग में बीएसएफ की ओर से 11 और पाकिस्तान रेंजर्स की ओर से 15 जवानों ने हिस्सा लिया और इस दौरान बीएसएफ जवानों ने रेंजर्स से मारे गए पाकिस्तानी नागरिक की पहचान करने और संबंधित दस्तावेज पेश करने को कहा।

बीएसएफ प्रवक्ता ने बताया कि घुसपैठिए की पहचान साबित करने वाले दस्तावेज दिए जाने के बाद घुसपैठिए का शव पावती लेकर पूरे सम्मान के साथ सौंपा गया।

उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान पाकिस्तान के शकरगढ़ इलाके के चमन खुर्द निवासी अब्दुल हमीद पुत्र रोजदीन के तौर पर की गई।

उल्लेखनीय है कि यह घटना कुछ दिन पहले सीमा पर 150 मीटर लंबी मिलने के बाद हुई है और संदेह की इस सुरंग का इस्तेमाल हाल में मारे गए जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकवादियों ने घुसपैठ करने के लिए किया था। हालांकि, चारों आतंकवादियों को मार गिराया गया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\