देश की खबरें | बीआरएस विधायक ‘खरीद फरोख्त’ मामला: मामला सीबीआई को सौंपने के आदेश के खिलाफ रिट अपील

हैदराबाद, चार जनवरी तेलंगाना सरकार ने बीआरएस विधायकों की कथित खरीद फरोख्त मामले की जांच उसके द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को स्थानांतरित करने के एकल न्यायाधीश के निर्णय को चुनौती देते हुए बुधवार को उच्च न्यायालय में एक रिट अपील दायर की।

यह मामला बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व वाले उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ के समक्ष आएगा।

उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश ने 26 दिसंबर, 2022 को चार बीआरएस विधायकों की खरीद फरोख्त के कथित षड्यंत्र से जुड़े मामले की जांच राज्य पुलिस की एसआईटी से सीबीआई को स्थानांतरित करने का आदेश दिया था।

उच्च न्यायालय ने एसआईटी गठित करने के सरकार के आदेश और उसके द्वारा अब तक की गई जांच और एक सहायक पुलिस आयुक्त द्वारा प्रारंभिक चरण में की गई जांच को भी रद्द कर दिया।

तीन व्यक्तियों रामचंद्र भारती उर्फ सतीश शर्मा, नंदू कुमार और सिम्हायाजी स्वामी को पहले से ही आरोपी (ए1 से ए3) के रूप में नामजद किया गया है। तीनों को बीआरएस विधायक पायलट रोहित रेड्डी द्वारा उनके खिलाफ 26 अक्टूबर 2022 को एक शिकायत दर्ज कराने के बाद आरोपी बनाया गया।

तीनों को तब गिरफ्तार किया गया था जब वे कथित रूप से सत्तारूढ़ बीआरएस के चार विधायकों को भाजपा में शामिल होने के लिए लुभाने की कोशिश कर रहे थे। बाद में उन्हें उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई थी।

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