विदेश की खबरें | ब्रिक्स शिखर सम्मेलन साझा समृद्धि, प्रगति को आगे बढ़ाएगा : दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति रामफोसा
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

(फाकिर हसन)

जोहानिसबर्ग, 23 अगस्त दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने बुधवार को 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के उद्घाटन पर ब्राजील, रूस, भारत और चीन के नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि यह सम्मेलन साझा समृद्धि और प्रगति को आगे बढ़ाएगा।

रामफोसा ने कहा कि चार महाद्वीपों और पांच देशों में फैली ब्रिक्स साझेदारी की पिछले दशकों में वैश्विक विकास, व्यापार और निवेश जैसे क्षेत्रों में अहम भूमिका रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें विश्वास है कि यह 15वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन साझा समृद्धि और प्रगति को आगे बढ़ाएगा। हमें विश्वास है कि (यह) अधिक मानवीय वैश्विक समुदाय की उपलब्धि की दिशा में हमारे काम को समृद्ध और प्रेरित करेगा।’’

राष्ट्रपति ने उल्लेख किया कि ब्रिक्स एकजुटता, प्रगति, सतत विकास, समावेशिता और ‘‘अधिक न्यायसंगत, समान विश्व व्यवस्था’’ के लिए खड़ा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक समावेशी समूह हैं जो हमारे समृद्ध इतिहास, संस्कृतियों से लाभ उठाने के लिए मिलकर काम करते हुए साझा समृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।’’

रामफोसा ने कहा कि ब्रिक्स साझेदार जानते हैं कि गरीबी, असमानता और अविकसित हालात मानव जाति के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां हैं, इसलिए, वे इस बात पर दृढ़ हैं कि ‘‘समावेशी वैश्विक आर्थिक सुधार को आगे बढ़ाने के लिए साझेदारी का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।’’

उन्होंने दोहराया कि इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी एजेंडा दक्षिण अफ्रीका के लिए एक रणनीतिक प्राथमिकता है।

रामफोसा ने कहा, ‘‘यही कारण है कि हमने इस वर्ष के शिखर सम्मेलन का विषय चुना है: 'ब्रिक्स और अफ्रीका: पारस्परिक रूप से त्वरित विकास, सतत विकास और समावेशी बहुपक्षवाद के लिए साझेदारी।’ हम साझेदारी और आपसी सम्मान की भावना से अफ्रीका के साथ ब्रिक्स देशों की भागीदारी का स्वागत करते हैं।’’

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि अफ्रीका के सामान, उत्पाद और सेवाएं वैश्विक अर्थव्यवस्था में समान स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनें। अफ्रीकी महाद्वीपीय मुक्त व्यापार क्षेत्र के पूरी तरह से चालू हो जाने पर महाद्वीपीय बाजार के लाभ सामने आ सकेंगे और अफ्रीकी और ब्रिक्स दोनों के लिए पारस्परिक रूप से लाभप्रद अवसर पैदा होंगे।’’

जलवायु परिवर्तन पर, रामफोसा ने कहा कि ब्रिक्स भागीदारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कम कार्बन, जलवायु परिवर्तन अनुकूल भविष्य उचित और निष्पक्ष हो तथा विभिन्न राष्ट्रीय परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाए। वैश्विक संघर्षों पर चिंता व्यक्त करते हुए रामफोसा ने कहा कि शांति और स्थिरता बेहतर और अधिक न्यायसंगत दुनिया के लिए पूर्व शर्त हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के साधन के रूप में वैश्विक वित्तीय और भुगतान प्रणालियों का बढ़ता इस्तेमाल चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक आर्थिक सुधार पूर्वानुमानित वैश्विक भुगतान प्रणालियों और बैंकिंग, आपूर्ति श्रृंखला, व्यापार, पर्यटन और वित्तीय प्रवाह के सुचारू संचालन पर निर्भर करता है। हम स्थानीय मुद्राओं के बढ़ते उपयोग के माध्यम से व्यापार और निवेश प्रवाह को सुविधाजनक बनाने के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा जारी रखेंगे।’’

रामफोसा ने अपने भाषण का समापन वैश्विक शासन की संस्थाओं में मूलभूत सुधार के आह्वान के साथ किया ताकि वे अधिक प्रतिनिधित्व कर सकें और मानवता के सामने आने वाली चुनौतियों का बेहतर ढंग से जवाब देने में सक्षम हो सकें।

उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया बदल रही है। नयी आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक और तकनीकी वास्तविकताएं राष्ट्रों के बीच अधिक सहयोग की मांग करती हैं। ग्लोबल साउथ के हितों को आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध होने के बावजूद, ब्रिक्स उन सभी देशों के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है जो अधिक समावेशी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाने की इच्छा रखते हैं।’’

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