देश की खबरें | चुनाव तक बॉण्ड के विवरण सामने नहीं आए, इसलिए एसबीआई ने समयसीमा बढ़ाने का आग्रह किया: माकपा
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नयी दिल्ली, सात मार्च मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा चुनावी बॉण्ड का ब्यौरा सौंपने के लिए समयसीमा बढ़ाने की मांग किए जाने के पीछे यह स्पष्ट मंसूबा है कि लोकसभा चुनाव से पहले जानकारी लोगों के सामने नहीं आए।
माकपा के पोलित ब्यूरो ने एक बयान में कहा कि यह बात ‘‘अविश्वसनीय’’ है कि भारतीय स्टेट बैंक, जिसका परिचालन डिजिटल है, कुछ दिनों के भीतर चुनावी बॉण्ड के सभी प्रासंगिक विवरण संकलित नहीं कर सकता।
उसने आरोप लगाया कि बैंक ने सरकार के दबाव में यह कदम उठाया है।
वापमंथी दल ने दावा किया, ‘‘ उच्चतम न्यायालय द्वरा निर्धारित तिथि छह मार्च से पहले एसबीआई ने अदालत से संपर्क कर 30 जून तक विवरण जमा करने के लिए 116 दिन का और समय मांगा। यह इस बात को सुनिश्चित करने के लिए एक स्पष्ट मंसूबा है कि चुनाव खत्म होने तक चुनावी बांड का विवरण सार्वजनिक नहीं किया जाए।’’
एसबीआई ने चार मार्च को शीर्ष अदालत से अनुरोध किया था कि चुनावी बॉण्ड का ब्योरा देने के लिए समय 30 जून तक बढ़ाया जाए।
शीर्ष अदालत ने पिछले महीने अपने एक फैसले में एसबीआई को इस संबंध में विवरण छह मार्च तक निर्वाचन आयोग को देने का निर्देश दिया था।
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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 07, 2024 05:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

