जरुरी जानकारी | केन्द्र के निजीकरण अभियान के खिलाफ बीएमएस ने विरोध प्रदर्शन आयोजित किया
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नयी दिल्ली, 10 जून राष्ट्रीय स्वयं सेवाक संघ : आरएसएस: से संबद्ध ट्रेड यूनियन बीएमएस ने केन्द्र सरकार के उपक्रमों (पीएसयू) की निजीकरण की योजना के खिलाफ बुधवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने को कहा।
भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने एक बयान में कहा, कोरोना वायरस महामारी के कारण सामाजिक दूरी बनाकर रखने के मानदंडों का पालन करते हुए पूरे देश में धरने और प्रदर्शन किए गए। इस एक दिन के आंदोलन में बंदरगाहों, खनन, इस्पात, रेलवे और रक्षा, विमानन, दूरसंचार और बिजली जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सदस्यों की अच्छी भागीदारी देखी गई।
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बयान में कहा गया, “बीएमएस से जुड़े पीएसयू यूनियनों ने ‘सार्वजनिक उपक्रमों को बचाओ, भारत को बचाओ’ के बैनर तले देशव्यापी आंदोलन किया।
इसमें कहा गया है, ‘‘बीएमएस की पीएसयू समन्वय समिति भारत सरकार से मांग करती है कि वे उनकी नीतियों को फिर से गौर करे और तत्काल सामाजिक संवाद की प्रक्रिया शुरू करे। विभिन्न स्थानों से 600 से अधिक ज्ञापन प्रधानमंत्री (प्रधानमंत्री) को भेजे गए हैं।’’
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पिछले सप्ताह राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा करते हुए, बीएमएस ने कहा था कि सरकार सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण को सही ठहराने की कोशिश कर रही है क्योंकि उसे धन की आवश्यकता है लेकिन राष्ट्रीय संपत्ति बेचने का उसे कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
बीएमएस के महासचिव वृजेश उपाध्याय ने कहा था कि संघ सरकार के ‘सार्वजनिक क्षेत्र के विरोधी’ और ‘मजदूर विरोधी फैसलों’ के खिलाफ संघर्ष करेगा।
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