विदेश की खबरें | अमेरिका एवं चीन के बीच तनाव कम करने की कोशिश के तहत ब्लिंकन ने की शी से मुलाकात
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

यह बैठक होने की संभावना पहले ही जताई जा रही थी और इसे यात्रा की सफलता के लिए अहम समझा जा रहा था। इस बैठक से मात्र एक घंटे पहले अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने इस संबंध में घोषणा की। यह बैठक ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में हुई।

यदि यह बैठक नहीं होती तो यह वरिष्ठ स्तर पर संवाद को बहाल करने और बनाए रखने के प्रयास के लिए एक बड़ा झटका होता। ब्लिंकन और वरिष्ठ चीनी अधिकारियों के बीच पहले हुई बैठकों में दोनों पक्षों ने वार्ता की इच्छा व्यक्त की लेकिन उन्होंने अपने-अपने कड़े रुख से पीछे हटने की इच्छा नहीं दिखाई।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के पदभार ग्रहण करने के बाद से ब्लिंकन चीन की यात्रा करने वाले सर्वोच्च स्तर के पहले अमेरिकी अधिकारी हैं। वह पिछले पांच वर्ष में बीजिंग की यात्रा करने वाले पहले अमेरिकी विदेश मंत्री हैं। इससे वरिष्ठ अमेरिकी और चीनी अधिकारियों की यात्राओं का नया दौर शुरू होने की संभावना है। ऐसी संभावना है कि इसके बाद आगामी महीनों में शी और बाइडन के बीच भी बैठक हो सकती है।

अमेरिका के एक अधिकारी ने बताया कि इससे पहले, ब्लिंकन ने सोमवार को चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी के साथ करीब तीन घंटे बैठक की ।

चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ब्लिंकन की यात्रा ऐसे समय में हुई है, जब ‘‘चीन-अमेरिका संबंध एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं और बातचीत या टकराव, सहयोग या संघर्ष के बीच चयन करना आवश्यक है’’ तथा उसने संबंधों के इस समय ‘‘निम्न स्तर’’ पर होने के लिए ‘‘चीन को लेकर अमेरिकी पक्ष की गलत धारणा को दोषी’’ ठहराया, जिसके कारण ‘‘चीन के प्रति गलत नीतियां बनाई’’ गईं।

उसने कहा कि ‘‘चीन और अमेरिका के संबंधों में गिरावट को रोककर उसे एक स्वस्थ एवं स्थिर स्थिति में लाना’’ अमेरिका की जिम्मेदारी है। चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, वांग ने ‘‘मांग की कि अमेरिका चीन से खतरे के सिद्धांत को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना बंद करे, चीन के खिलाफ लगाए गए अवैध एकतरफा प्रतिबंध हटाए, प्रौद्योगिकी के स्तर पर चीन के विकास के दमन को बंद करे और चीन के आंतरिक मामलों में मनमाने तरीके से हस्तक्षेप करने से बचे।’’

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ब्लिंकन ने ‘‘संवाद के खुले माध्यमों से अमेरिका और चीन के बीच प्रतियोगिता के जिम्मेदाराना तरीके से प्रबंधन की महत्ता को रेखांकित किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह प्रतियोगिता संघर्ष में न बदले।’’

इससे पहले ब्लिंकन ने रविवार को करीब छह घंटे तक चीन के अपने समकक्ष छिन कांग के साथ व्यापक बातचीत की थी।

बैठक में दोनों पक्ष उच्च स्तरीय बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए। हालांकि ऐसे कोई संकेत नहीं मिले कि दोनों देशों के बीच जिन मुद्दों को लेकर विवाद है उनके समाधान की दिशा में कोई प्रगति हुई है।

दोनों पक्षों ने कहा कि छिन ने ब्लिंकन के वाशिंगटन आने के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। चीन ने साथ ही स्पष्ट किया कि ‘‘चीन-अमेरिका के बीच संबंध अब तक के सबसे निचले स्तर पर हैं।’’

अमेरिकी अधिकारी भी कई बार ये बात कह चुके हैं।

बाइडन और शी पिछले साल बाली में एक बैठक में ब्लिंकन के दौरे पर सहमत हुए थे। हालांकि, अमेरिका के हवाई क्षेत्र में चीन का कथित जासूसी गुब्बारा नजर आने के बाद फरवरी में ब्लिंकन ने अपनी चीन की यात्रा रद्द कर दी थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)