कोरोना संकट के बीच बिहार चुनाव के लिये भाजपा की नयी रणनीति, ‘सप्तर्षि योजना’ से होगा डिजिटल प्रचार
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नयी दिल्ली, 24 मई कोरोना संकट के बीच बिहार विधानसभा चुनाव के लिये भाजपा कई महीने पहले से ही अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गई है। और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए पार्टी इस बार डिजीटल प्रचार को प्रमुखता देगी।

भाजपा नेताओं का कहना है कि कोविड-19 के कारण अब काफी समय तक सामाजिक दूरी का पालन करना होगा, ऐसे में पार्टी की, बड़ी बड़ी रैलियों के स्थान पर फेसबुक लाइव, व्हाट्सएप समूह और यूट्यूब लाइव का उपयोग प्रभावी तरीके से करने की तैयारी है ।

भाजपा ने राज्य की सभी 243 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं और हर बूथ पर ‘‘सप्तर्षि योद्धाओं’’ के जरिये डिजिटल प्रचार कार्यक्रम को अंतिम रूप दे रही है।

बिहार में वैसे तो भाजपा और जदयू के अलग अलग चुनाव लड़ने की संभावना नहीं है लेकिन भारतीय जनता पार्टी सभी सीटों पर चुनाव प्रभारियों को तैनात कर और हर बूथ पर पार्टी कार्यकर्ताओं के नेटवर्क को सक्रिय करके यह स्पष्ट संकेत देने का प्रयास कर रही है कि वह 2015 विधानसभा चुनाव की हर कमी को दूर करना चाहती है । 2015 के चुनाव में भाजपा को राजद-जदयू-कांग्रेस महागठबंधन से पराजित होना पड़ा था ।

बहरहाल, बिहार में भाजपा की चुनावी तैयारियों को गति प्रदान करने के लिये बुधवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने प्रदेश कोर कमेटी के साथ वीडियो कांफ्रेंस के जरिए लगभग तीन घंटे तक चर्चा की थी ।

राज्य में अभी जदयू-भाजपा-लोजपा गठबंधन की सरकार है जहां उसका मुकाबला राजद, कांग्रेस सहित विपक्षी गठबंधन से होने की संभावना है । हाल ही में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था कि राज्य में भाजपा गठबंधन नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगा ।

पार्टी के एक महासचिव ने ‘’’ को बताया, ‘‘ लॉकडाउन खुलने के बाद भी राजनीतिक रैली, जनसभा, आंदोलन, चुनाव प्रचार और वोट मांगने के तरीकों में सामाजिक दूरी का ध्यान रखना होगा क्योंकि परंपरागत रूप से इन गतिविधियों में सामाजिक दूरी का पालन कठिन है । ऐसे में भाजपा टेक्नोलॉजी आधारित प्रचार और जनसभा की तैयारी करने में लगी है।’’

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