नयी दिल्ली, 19 जुलाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासन में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचार का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर निशाना साधा और कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा से सवाल किया क्या वे इस मुद्दे पर बोलेंगे या गठबंधन की प्रतिबद्धताओं का पालन करते हुए चुप रहेंगे।
भाजपा का यह बयान तब आया जब हावड़ा में एक महिला को कुछ लोगों द्वारा पीटे जाने और उसके बाल कैंची से काटे जाने का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने यहां भाजपा मुख्यालय में कथित वीडियो दिखाते हुए कहा, ''तालिबानी अदालत का यह वीडियो हावड़ा के डोमजुर का है, वही इलाका जहां पश्चिम बंगाल राज्य सचिवालय स्थित है और जहां ममता बनर्जी अक्सर जाती रहती हैं।"
उन्होंने कहा, "इस कृत्य का मकसद सिर्फ उस महिला को निशाना बनाना नहीं था बल्कि पश्चिम बंगाल में सभी महिलाओं को तालिबानी संदेश देना था।"
उन्होंने आरोप लगाया, "इस तरह की शरिया प्रेरित तालिबानी गतिविधियां पश्चिम बंगाल में तेजी से दिखाई दे रही हैं और नियमित घट रही हैं।"
पूनावाला ने आरोप लगाया कि शरिया कानून के तहत चल रही ऐसी 'तालिबानी अदालतों' को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार का 'पूरा समर्थन' है।
उन्होंने सवाल किया, ''क्या राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा संविधान और पश्चिम बंगाल की महिलाओं की रक्षा में चुप्पी तोड़ेंगे या फिर गठबंधन के दायित्वों का पालन करते हुए महिलाओं के खिलाफ दुर्व्यवहार पर चुप रहेंगे।"
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पूनावाला ने आरोप लगाया कि तेलंगाना में भी ऐसी ही घटना हुई है जहां एक महिला को महज गरीब होने पर बिजली के खंभे से बांध दिया गया और दिनदहाड़े पीटा गया।
उन्होंने आरोप लगाया, ''यह घटना पश्चिम बंगाल की घटनाओं की तरह, तालिबानी तरीके से की गई।"
पूनावाला ने कहा, "जहां भी 'इंडी' अलायंस सरकार सत्ता में है, वहां तालिबानी कृत्यों को अंजाम देने वाले सभी अपराधियों को खुली छूट दी जाती है और महिलाओं के अधिकारों का दमन किया जाता है, जिससे महिलाओं के खिलाफ हिंसा होती है।"
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस नेताओं से पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार की घटनाओं पर अपनी चुप्पी तोड़ने के लिए कहा।
पूनावाला ने पूछा, "इन घटनाओं पर प्रियंका वाड्रा की क्या प्रतिक्रिया है? राहुल गांधी ने अभी तक बयान क्यों नहीं दिया? क्या राहुल गांधी उस महिला से मिलने जाएंगे जिसने इस तरह के दुर्व्यवहार को सहन किया है?"
उन्होंने कहा, "संविधान की प्रति लेकर चलना व्यर्थ है, अगर आप इसके सिद्धांतों का पालन नहीं करते।"
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