देश की खबरें | भाजपा ने बिहार विधानसभा चुनाव में राजग के तीन-चौथाई सीटें जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बिहार भाजपा ने राज्य में अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के तीन-चौथाई सीटें जीतने का शनिवार को लक्ष्य निर्धारित किया।
पटना, 22 अगस्त बिहार भाजपा ने राज्य में अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के तीन-चौथाई सीटें जीतने का शनिवार को लक्ष्य निर्धारित किया।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव एवं अन्य की उपस्थिति में इस लक्ष्य का जिक्र करते हुए प्रदेश पार्टी प्रमुख संजय जयसवाल ने राज्य में पंचायत स्तर तक के 76 लाख पार्टी कार्यर्ताओं से गठबंधन को इस आंकड़े (तीन-चौथाई सीटें) तक पहुंचाना सुनिश्चित करने की अपील की।
जयसवाल ने शनिवार को शुरू हुई राज्य कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक को संबोधित करते हुए कहा , ‘‘हमने बिहार में राजग के लिये तीन-चौथाई सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। हम सुनिश्चित करेंगे कि गठबंधन इस उपलब्धि को हासिल करे। ’’
बिहार में राजग (एनडीए) के घटक दलों में भाजपा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नीत जद(यू), राम विलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) शामिल है।
यह भी पढ़े | Coronavirus in Delhi: राजधानी दिल्ली में आज COVID-19 के 1,412 नए मामले आए सामने, 14 की मौत, 1,230 हुए रिकवर.
बिहार विधानसभा में 243 सीटें हैं।
राज्य में कोविड-19 महामारी के मद्देनजर बैठक के आयोजन में एहतियात बरती गयी। भूपेंद्र यादव, जयसवाल और राज्य के मंत्री नंद किशोर यादव तथा प्रेम कुमार सहित कुछ नेता ही राज्य मुख्यालय में मंच पर बैठें।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पार्टी के बिहार चुनाव प्रभारी देवेंद्र फड़णवीस उनसे डिजिटल माध्यम से जुड़े।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा रविवार को समापन भाषण देंगे।
जयसवाल ने बाढ़ पीड़ितों और कोरोना वायरस पीड़ितों, खासतौर पर महामारी के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से लौट कर आये प्रवासी श्रमिकों के लिये केंद्र एवं राज्य सरकार के साथ मिल कर काम करने की सराहना की।
उन्होंने जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को रद्द किये जाने, उच्चतम न्यायालय के एक फैसले से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने, तीन तलाक की प्रथा खत्म करने के लिये कानून बनाने जैसे केंद्र सरकार के कुछ बड़े फैसलों का जिक्र किया।
बिहार में अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं और चुनाव आयोग ने संकेत दिया है कि वह समय पर चुनाव कराने की दिशा में आगे बढ़ेगा। उसने चुनाव कराये जाने से राज्य में महामारी के और तेजी से फैलने संबंधी विपक्षी दलों और राजग के सहयोगी दल लोजपा द्वारा जताई गई चिंताओं बावजूद यह निर्णय किया है।
बिहार पहला राज्य होगा, जहां देश में महामारी के दौरान विधानसभा चुनाव कराये जा रहे हैं।
इस बीच, भाजपा की बैठक ने यह प्रदर्शित कर दिया है कि वह चुनाव की तैयारियों पर आगे बढ़ रही है। राज्य से लोकसभा में 40 सदस्य हैं, जिससे राज्य के राजनीतिक महत्व पता चलता है।
राज्य की कार्यकारिणी समिति का गठन 20 मार्च को किया गया था लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण लॉकडाउन लागू हो जाने के चलते अब तक इसकी बैठक नहीं हो सकी थी।
बैठक को संबोधित करते हुए फड़णवीस ने कहा, ‘‘हमें लोगों को आत्मनिर्भर आर्थिक पैकेज, गरीब कल्याण योजना या राज्य सरकार द्वारा किये गये विभिन्न कार्यों के बारे में बताने की जरूरत है। ’’
हाालांकि, बिहार और महाराष्ट्र के बीच हाल के दिनों में एक बड़े विवाद का कारण बने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की कथित आत्महत्या के मुद्दे पर उन्होंने कुछ नहीं कहा।
फड़णवीस ने लालू प्रसाद नीत राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 15 साल के शासनकाल की आलोचना करते हुए कहा कि इसने राज्य को 25-30 साल पीछे धकेल दिया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 22, 2020 07:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

