देश की खबरें | भाजपा सांसदों ने आयुष्मान भारत योजना से जुड़ी जनहित याचिका वापस ली

नयी दिल्ली, 11 फरवरी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सात सांसदों ने राष्ट्रीय राजधानी में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के कार्यान्वयन के अनुरोध वाली अपनी याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय से मंगलवार को वापस ले ली।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता अपनी याचिका जारी नहीं रखना चाहते हैं।

भाजपा सांसदों की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की है और सत्तारूढ़ नयी सरकार ने उसकी पहली कैबिनेट बैठक में इस योजना को लागू करने का भरोसा दिलाया है।

वकील ने कहा, “मैं याचिका वापस ले रहा हूं, क्योंकि दिल्ली की नयी सरकार ने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में आयुष्मान भारत योजना लागू करने का वादा किया है।”

याचिकाकर्ता हर्ष मल्होत्रा, रामवीर सिंह बिधूड़ी, प्रवीण खंडेलवाल, योगेंद्र चंदोलिया, मनोज तिवारी, कमलजीत सहरावत और बांसुरी स्वराज ने दलील दी थी कि दिल्ली के नागरिकों को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा पर होने वाला भारी-भरकम खर्च खुद वहन करना पड़ रहा है और उन्हें गंभीर परिस्थितियों में उधार लेने या संपत्ति बेचने को भी मजबूर होना पड़ रहा है।

याचिकाकर्ताओं का कहना था कि दिल्ली एकमात्र केंद्र-शासित प्रदेश है, जहां वंचितों के लिए स्वास्थ्य देखभाल योजना अभी तक लागू नहीं की गई है और वे पांच लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

इससे पहले, उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार द्वारा केंद्र से वित्त पोषित स्वास्थ्य योजना के तहत वित्तीय सहायता कथित तौर पर स्वीकार नहीं करने पर आश्चर्य जताया था, जबकि उसके पास स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के लिए “धन उपलब्ध नहीं” था।

अदालत ने कहा था कि केंद्रीय योजना नागरिकों के एक विशेष वर्ग को दी जा रही सहायता मात्र है और दिल्ली प्रशासन के भीतर मतभेदों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

पारुल अमित

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)