भुवनेश्वर, 4 जुलाई : सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक संतोष खटुआ ने बृहस्पतिवार को बीजू जनता दल (बीजद) की एक प्रमुख महिला नेता के खिलाफ कथित रूप से 'अपमानजनक' टिप्पणी कर विवाद खड़ा कर दिया, जिसके बाद कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी तथा भाजपा से माफी की मांग की गई. बीजद की वरिष्ठ महासचिव और प्रवक्ता लेखाश्री सामंतसिंघर ने अपने ‘एक्स’ पोस्ट में एक पत्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को टैग कर उनका ध्यान इस ओर आकर्षित किया. बालासोर जिले के नीलगिरि विधानसभा क्षेत्र से विधायक खटुआ ने कुछ टेलीविजन चैनलों को दिए बयान में सामंतसिंघार के चरित्र पर कथित तौर पर "अपमानजनक" टिप्पणी की थी.
इस बीच, बृहस्पतिवार शाम को नीलगिरि थाने में अलग-अलग व्यक्तियों द्वारा कम से कम तीन प्राथमिकियां दर्ज कराई गईं, जिनमें खटुआ पर महिला के खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है. सामंतसिंघार ने मोदी को टैग करते हुए लिखा, "प्रिय मोदी जी कृपया ओडिशा के अपने विधायक को महिला राजनीतिक नेताओं के बारे में बात करते हुए सुनें. यह सच्चे भाजपा नेता हैं जो महिलाओं को सच्ची सलामी दे रहे हैं." उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा, ‘‘मुझे पता है कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और पार्टी में आपके पास बहुत ही सक्षम और बुद्धिमान ओडिया अधिकारी हैं. कृपया उनसे आपके लिए अनुवाद करने के लिए कहें. इसे सुनने के बाद, हम देखेंगे कि क्या आपके पास अभी भी 'नारी का सम्मान' या 'ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में बात करने की प्रेरणा है." यह भी पढ़ें : Amit Shah’s Pune Visit: महाराष्ट्र में अमित शाह का पुणे दौरा, ‘श्रीमंत थोरले बाजीराव पेशवा’ की प्रतिमा का करेंगे अनावरण
सामंतसिंघार ने कहा, "यदि आप ऐसे महिला विरोधी निर्वाचित प्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहते हैं, तो महिलाओं के लिए आपका वादा खोखला साबित होगा." विवाद बुधवार को सामंतसिंह द्वारा की गई प्रेस वार्ता से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने खटुआ पर 15 जून को बालासोर के नीलगिरी इलाके में एक हाथी की जान लेने और उसके दांत चोरी करने में शामिल होने का आरोप लगाया. उन्होंने भाजपा विधायक को "चोर" और "डकैत" भी कहा. इसके बाद खटुआ की टिप्पणी वायरल हो गई, हालांकि ‘पीटीआई-’ ने इस वीडियो की सत्यतता की पुष्टि नहीं की है.













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