कोलकाता, छह दिसंबर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए उसे देश में ‘‘सबसे बड़ा जेबकतरा’’ करार दिया। साथ ही, उसे हर चुनाव से पहले मतदाताओं को झांसा देने वाला दल बताया।
उत्तर बंगाल के लिए रवाना होने से पहले यहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में बनर्जी ने कहा कि भाजपा के लिए ‘‘राजनीतिक दाना-पानी’’ को लेकर केंद्रीय एजेंसियां बार-बार राज्य का दौरा करती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वे (भाजपा) देश में सबसे बड़े जेबकतरे हैं और लोगों को इसके कारण सबसे ज्यादा परेशानी हुई है। प्रत्येक व्यक्ति के खाते में 15 लाख रुपये भेजने के उनके वादे, फिर नोटबंदी, महामारी के दौरान मुश्किलें...उन्होंने चुनाव से पहले झूठे वादे कर लोगों को झांसा दिया।’’
उन्होंने पश्चिम बंगाल को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना का बकाया न देने पर केंद्र से सवाल किया।
बनर्जी ने कहा, ‘‘क्या केंद्रीय ग्रामीण विकास विभाग (मंत्रालय) ने उत्तर प्रदेश के खिलाफ कोई कार्रवाई की है, जहां सबसे ज्यादा फर्जी जॉब कार्ड हैं? इसके बजाय, उन्होंने उन्हें धन दिया है। मेरा सवाल यह है कि पश्चिम बंगाल का बकाया क्यों रोक दिया गया है? यह सही नहीं है।’’
पश्चिम बंगाल का बकाया प्राप्त करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने की केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की सलाह पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पहले ही तीन बार प्रधानमंत्री से मिल चुकी हैं तथा एक और मुलाकात के लिए समय मांगा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैंने सुना है कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने संसद में बकाये के बारे में क्या कहा। आपकी जानकारी के लिए, मैं प्रधानमंत्री से तीन बार मिल चुकी हूं। मैंने प्रधानमंत्री से एक और मुलाकात का अनुरोध किया है।’’
टीएमसी सुप्रीमो ने यह भी कहा कि पार्टी एक और ‘दिल्ली चलो’ कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रही है और इसके लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति मांगी है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं होने पर बनर्जी ने चक्रवात प्रभावित दक्षिणी राज्य की वर्तमान स्थिति का जिक्र किया।
बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें बुधवार को ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक के लिए सोमवार को आमंत्रित किया था, लेकिन उन्होंने पूर्व व्यस्तताओं के कारण इसमें भाग लेने में असमर्थता के बारे में उन्हें सूचित किया।
उन्होंने कहा, ‘‘परसों, राहुलजी (गांधी) ने मुझे फोन किया और बैठक के बारे में बताया। मैंने कहा कि 6 दिसंबर की बैठक के बारे में मुझे पहले किसी ने नहीं बताया था। मेरे पहले से निर्धारित कार्यक्रम हैं। मुख्यमंत्रियों को कम से कम सात से 10 दिन पहले बताना चाहिए। हम जल्द ही, या जब भी वे निर्णय लेंगे तब मुलाकात होगी।’’
पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में छापेमारी कर रही केंद्रीय एजेंसी की टीम के बारे में मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वे भाजपा को ‘‘राजनीतिक दाना-पानी’’ देने आ रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वे पहले ही 107 टीम भेज चुके हैं। वे सबसे बड़े जेबकतरे हैं और यही कारण है कि लोगों को परेशानी हो रही है। वे भाजपा कार्यकर्ताओं को ‘राजनीतिक दाना-पानी’ देने आ रहे हैं।’’
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