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देश की खबरें | कोवैक्सीन की प्रभावशीलता संबंधी आंकड़े आने के बाद भाजपा ने साधा कांग्रेस पर निशाना

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत बायोटेक के स्वदेशी कोविड-19 के टीके कोवैक्सीन के 81 प्रतिशत प्रभावी होने संबंधी आंकड़े आने के बाद भाजपा ने बृहस्पतिवार को टीके के परीक्षण के अंतिम परिणाम आने से पहले ही इसके आपात इस्तेमाल की मंजूरी दिये जाने को लेकर सवाल उठाने के लिये कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि सभी को इसके परिणामों पर गर्व करना चाहिए।

देश की खबरें | कोवैक्सीन की प्रभावशीलता संबंधी आंकड़े आने के बाद भाजपा ने साधा कांग्रेस पर निशाना

नयी दिल्ली, चार मार्च भारत बायोटेक के स्वदेशी कोविड-19 के टीके कोवैक्सीन के 81 प्रतिशत प्रभावी होने संबंधी आंकड़े आने के बाद भाजपा ने बृहस्पतिवार को टीके के परीक्षण के अंतिम परिणाम आने से पहले ही इसके आपात इस्तेमाल की मंजूरी दिये जाने को लेकर सवाल उठाने के लिये कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि सभी को इसके परिणामों पर गर्व करना चाहिए।

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए दावा किया कि अगर यही कांग्रेस की सरकार होती तो सबसे पहला टीका गांधी परिवार को लगता।

उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने वीआईपी संस्कृति समाप्त की है और यह सुनिश्चित किया कि सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों को टीके लगें।

भाटिया ने कहा कि जिस प्रकार से कांग्रेस के नेताओं शशि थरूर और जयराम रमेश ने देश में निर्मित कोवैक्सीन टीके को लेकर सवाल उठाए थे, उसे कोई नहीं भूल सकता।

ड्रग नियंत्रक द्वारा जनवरी में कोवैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल को हरी झंडी दिए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि टीके के परीक्षण के अंतिम परिणाम आने से पहले ही इसके आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे दी गई।

भाटिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने तो यह तक कह दिया था कि राज्य में कोवैक्सीन के टीके ना भेजे जाएं। उन्होंने कोविड का टीका लगाने के लिए विपक्षी नेता शरद पवार और ओड़िशा के मुख्यमंत्री शरद पवार की सराहना की।

उन्होंने कहा, ‘‘इन नेताओं ने संदेश दिया कि कुछ मुद्दे ऐसे होते हैं जिनपर राजनीति नहीं होनी चाहिए।’’

कोवैक्सीन टीका परीक्षण में 81 प्रतिशत प्रभावी पाया गया है। भारत बायोटेक ने एक बयान में बुधवार को कहा था कि उसके तीसरे चरण के परीक्षण में 25,800 व्यक्ति शामिल हुए। भारत में इस तरह का यह अब तक का सबसे बड़ा परीक्षण है। इसे भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के सहयोग से पूरा किया गया।

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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 04, 2021 08:21 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).