ताजा खबरें | संविधान जबरन थोपने संबंधी टिप्पणी पर भाजपा ने कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. भाजपा ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग में दक्षिण गोवा लोकसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार विरिएटो फर्नांडिस के खिलाफ उनकी इस टिप्पणी को लेकर शिकायत दर्ज कराई कि 1961 में पुर्तगाली शासन से मुक्ति के बाद गोवा पर भारतीय संविधान थोपा गया था।
पणजी, 23 अप्रैल भाजपा ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग में दक्षिण गोवा लोकसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार विरिएटो फर्नांडिस के खिलाफ उनकी इस टिप्पणी को लेकर शिकायत दर्ज कराई कि 1961 में पुर्तगाली शासन से मुक्ति के बाद गोवा पर भारतीय संविधान थोपा गया था।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की गोवा इकाई के प्रमुख सदानंद शेट तनावडे ने यहां मुख्य निर्वाचन अधिकारी रमेश वर्मा को सौंपे गए शिकायत पत्र में कहा कि फर्नांडिस की टिप्पणी "भारत के पवित्र संविधान के खिलाफ जहर उगलने का स्पष्ट मामला" और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है तथा इसलिए उनकी उम्मीदवारी रद्द की जानी चाहिए।
शिकायत में भाजपा नेता ने फर्नांडिस पर संविधान के खिलाफ नफरत फैलाने वाले भाषण देने का आरोप लगाया।
सोमवार को दक्षिण गोवा में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए फर्नांडिस ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ हुई अपनी बातचीत को याद करते हुए कहा कि उन्होंने गांधी से कहा था कि "1961 में जब गोवा मुक्त हुआ था, तो हम पर भारतीय संविधान थोप दिया गया।"
तनावडे ने निर्वाचन आयोग को सौंपे गए शिकायत पत्र में कहा, "इस शिकायत के माध्यम से, हम इस मामले में आपके शीघ्र हस्तक्षेप की मांग करते हैं। चुनाव प्रचार भाषण में फर्नांडिस द्वारा व्यक्त किए गए विचारों से पता चलता है कि उनके मन में भारत के संविधान के प्रति पूरी तरह से अनादर है, जो हमारे देश के इस गौरवशाली लोकतंत्र और संप्रभुता की नींव है।"
सत्तारूढ़ दल ने अपने पत्र के साथ फर्नांडिस के भाषण की फुटेज भी चुनाव निकाय को सौंपी।
इसने कहा, ‘‘अपने भाषण के माध्यम से, फर्नांडिस ने ‘ऑपरेशन विजय’ के जरिए गोवा को मुख्य भारतीय भूमि में शामिल करने पर सवाल उठाया है। उनका भाषण फर्नांडिस की राष्ट्र-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।”
शिकायत में कहा गया कि फर्नांडिस की टिप्पणी उन अनगिनत देशभक्तों का अपमान है जिन्होंने गोवा की मुक्ति के लिए लड़ाई लड़ी और सदियों के संघर्ष के बाद गोवा मुख्य भारतीय भूमि का हिस्सा बना।
तनावडे ने कहा कि फर्नांडिस का दावा है कि गोवा के लोगों पर संविधान थोपा गया था और गोवा के लोगों को दोहरी नागरिकता का हकदार होना चाहिए।
शिकायत में कहा गया, "इस विचित्र दावे का समर्थन करने के लिए, वह (फर्नांडिस) कहते हैं कि 26 जनवरी, 1950 को जब संविधान अपनाया गया और जब गोवा मुक्त हुआ तो उस समय गोवा के लोगों को विश्वास में नहीं लिया गया था।"
भाजपा ने आरोप लगाया कि फर्नांडिस ने अपने राष्ट्र विरोधी और संविधान विरोधी विचारों को इस आवरण में लपेटने की कोशिश की कि गोवा के लोगों को दोहरी नागरिकता की आवश्यकता है क्योंकि उन्हें विदेश में नौकरियों की जरूरत है।
फर्नांडिस पहले नौसेना में कार्यरत थे।
इसका जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने कहा, “कथित कैप्टन विरिएटो द्वारा व्यक्त किए गए विचार अशोभनीय हैं और इनसे राष्ट्र-विरोधी होने के साथ-साथ विभाजनकारी मानसिकता की गंध आती है जो हमारे राष्ट्र के लोकतांत्रिक एवं सामाजिक ताने-बाने के लिए हानिकारक है।”
उन्होंने कहा कि यह भाषण भारत के पवित्र संविधान के खिलाफ जहर उगलने और लोकसभा चुनाव 2024 से संबंधित आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का एक स्पष्ट मामला है।
शिकायत में कहा गया, "इसे निर्वाचन आयोग द्वारा गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इसलिए, यह उचित होगा कि निर्वाचन आयोग इस नफरत भरे भाषण का कड़ा संज्ञान ले और कथित कैप्टन विरिएटो फर्नांडिस की उम्मीदवारी को निरस्त कर दे जिससे एक मजबूत उदाहरण स्थापित हो कि भारत के संविधान का निरादर करके कोई बच नहीं सकता।”
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 23, 2024 04:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

