पुणे, 10 जुलाई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के विधायक और पार्टी प्रमुख शरद पवार के पोते रोहित पवार ने सोमवार को भाजपा पर महाराष्ट्र में सत्ता में बने रहने के लिए राकांपा और शिवसेना को तोड़ने का आरोप लगाया।
पुणे में पत्रकारों से बातचीत में विधायक ने कहा कि जहां अन्य दलों के नेता एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) घटनाक्रम का ‘‘आनंद’’ ले रही है।
पिछले साल जून में शिवसेना के एकनाथ शिंदे और 39 अन्य विधायकों द्वारा पार्टी नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह किए जाने के कारण पार्टी में विभाजन हो गया था और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाडी सरकार गिर गई थी।
शिंदे बाद में भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बने थे।
इस साल दो जुलाई को, अजित पवार अपने चाचा शरद पवार द्वारा स्थापित राकांपा को तोड़कर शिंदे-भाजपा सरकार में उपमुख्यमंत्री बन गए थे। राकांपा के आठ अन्य विधायकों ने भी राज्य मंत्रिमंडल में मंत्री के रूप में शपथ ली थी।
घटनाक्रम पर रोहित पवार ने दावा किया कि भाजपा ने "बहुत अच्छी चाल" चली है।
उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने 'मराठी मानुस' और उनकी पहचान की रक्षा के लिए शिवसेना का गठन किया, लेकिन भाजपा ने इसे ''तोड़ दिया''।
रोहित पवार ने आरोप लगाया, ‘‘आज, देश में भाजपा विरोधी माहौल है, और यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई इसके बारे में बात न करे तथा सभी बड़े नेता (विपक्षी दलों के) व्यस्त रहें (अपने दलों के भीतर के झगड़े को सुलझाने में), भाजपा ने सबसे पहले शिवसेना को तोड़ा और अब राकांपा को तोड़ दिया।’’
अहमदनगर के कर्जत जामखेड से विधायक रोहित पवार ने कहा, "हम एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हैं और भाजपा (नेता) एसी में बैठकर शो का आनंद ले रहे हैं।"
राकांपा नेता ने यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि महाराष्ट्र के लोग जानते हैं कि "किसने परिवार को और किसने पार्टी को तोड़ा", तथा वे इस तथ्य को नहीं भूलेंगे।
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