नयी दिल्ली, 19 सितंबर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को सांसदों का आह्वान किया कि वे सार्थक और सकारात्मक चर्चा में भाग लें तथा कानून बनाने के साथ भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए देश के लोगों की सपनों एवं अकांक्षाओं को पूरा करें।
संसद के केंद्रीय कक्ष में आयोजित समारोह में बिरला ने कहा, ‘‘जब देश के विकसित बनाने के सपने के साथ आगे बढ़ रहे हैं तो देश के लोग नई आशाओं के साथ हमारी ओर देख रहे हैं और हमें उनकी आकांक्षाओं को साकार करने और उनकी उम्मीदों को पूरा करने में मदद करनी चाहिए।‘’
उन्होंने कहा, ‘‘सार्थक और सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए ताकि संसद हमारे देश को और अधिक सक्षम एवं समृद्ध बनाने और इसे एक विकसित राष्ट्र की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।’’
बिरला ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा में अनेक क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिले हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘आज देश की जनता नए भारत की आकांक्षा कर रही है और संसद से लोगों की आशाएं और आकांक्षाएं बढ़ी हैं।’’
बिरला ने कहा, ‘‘ऐसी स्थिति में जनता की आशा, अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है। आज जब हम संसद के नए भवन में जा रहे हैं, तो यह देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर है।"
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘यह हमारा संकल्प है कि हम इस संसदीय लोकतंत्र में सामूहिक चर्चा के माध्यम से और संवाद, कड़ी मेहनत तथा पूरे देश की भागीदारी के साथ इन आकांक्षाओं को पूरा करेंगे।"
उनका कहना था कि भारत के दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के कारण सांसदों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है और इसीलिए जरूरी है कि संसद में सभी मुद्दों पर चर्चा हो, कानूनों का निर्माण सामूहिक और सार्थक चर्चा के साथ हो।
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