जरुरी जानकारी | डेयरी क्षेत्र में बायोगैस उत्पादन, अन्य संभावनाओं पर भी ध्यान देने की जरूरतः अमित शाह

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भारत के दूसरी श्वेत क्रांति की दिशा में प्रयासरत होने का जिक्र करते हुए सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के गोबर बायोगैस उत्पादन के तीन मॉडलों को अगले दो वर्षों में कम-से-कम 250 जिला डेयरी सहकारी समितियों तक बढ़ाए जाने की जरूरत है।

नयी दिल्ली, तीन मार्च केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भारत के दूसरी श्वेत क्रांति की दिशा में प्रयासरत होने का जिक्र करते हुए सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के गोबर बायोगैस उत्पादन के तीन मॉडलों को अगले दो वर्षों में कम-से-कम 250 जिला डेयरी सहकारी समितियों तक बढ़ाए जाने की जरूरत है।

डेयरी क्षेत्र पर आयोजित एक कार्यशाला को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, ‘‘कृषि के अलावा अतिरिक्त आय अर्जित करने के लिए डेयरी क्षेत्र किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। दूसरी श्वेत क्रांति की शुरुआत में टिकाऊपन और संसाधनों के अधिकतम उपयोग (सर्कुलैरिटी) पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।’’

सहकारिता मंत्री ने कहा कि डेयरी क्षेत्र में ‘सर्कुलैरिटी’ को गोबर बायोगैस उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि पूरे डेयरी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के हर पहलू का उपयोग करना चाहिए।

शाह ने कहा, ‘‘खेती से पलायन को कम करने और किसानों को बेहतर लाभ सुनिश्चित करने के लिए डेयरी क्षेत्र से बेहतर कोई विकल्प नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की पूरी क्षमता का पता लगाने से पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर, 15 राज्यों के डेयरी सहकारी संघों ने बायोगैस संयंत्रों की स्थापना के लिए एनडीडीबी के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

शाह ने कहा, ‘‘देश में लगभग 16 करोड़ टन गोबर उपलब्ध है। बायोगैस संयंत्र लगाने की योजना बनाते समय गोबर की आपूर्ति के लिए सहकारी और गैर-सहकारी दोनों क्षेत्रों के किसानों को शामिल किया जाना चाहिए।’’ उन्होंने इन संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

पशु आहार और चारे के बारे में मंत्री ने कहा, ‘‘इसे सहकारी समितियों के माध्यम से बढ़ावा दिया जाना चाहिए और एक पूर्ण नेटवर्क स्थापित करने की जरूरत है क्योंकि इससे न केवल दूध उत्पादन बढ़ेगा बल्कि सहकारी समितियां भी मजबूत होंगी।’’

इस कार्यक्रम में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह, राज्य मंत्री एस पी सिंह बघेल और जॉर्ज कुरियन के अलावा डेयरी और पशुपालन विभाग की सचिव अलका उपाध्याय एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\