देश की खबरें | बिमल गुरुंग सिक्किम के अस्पताल में भर्ती, जीटीए चुनाव नहीं लड़ेगा जीजेएम

गंगटोक/दार्जिलिंग, 30 मई गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) प्रमुख बिमल गुरुंग ने तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती होने के बाद अपनी ‘‘अनिश्चितकालीन’’ भूख हड़ताल आधिकारिक रूप से समाप्त कर दी है, जबकि उनकी पार्टी ने आगामी जीटीए चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है।

गोरखालैंड प्रादेशिक प्रशासन (जीटीए) के 26 जून को आगामी चुनाव को स्थगित करने और अर्द्ध-स्वायत्त परिषद के क्षेत्राधिकार का विस्तार करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे गुरुंग का स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें पहले पश्चिम बंगाल के पर्वतीय नगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि स्वास्थ्य खराब होने के चलते उन्हें लगभग 100 घंटे बाद अपनी भूख हड़ताल वापस लेनी पड़ी। उन्हें दिन के दौरान पड़ोसी हिमालयी राज्य के सर थुतोब नामग्याल मेमोरियल (एसटीएनएम) अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।

गुरुंग का इलाज करने वाले डॉक्टरों ने कहा कि उनका रक्त शर्करा का स्तर बढ़ा हुआ है जिसमें उतार-चढ़ाव हो रहा है और उनके मूत्र में खून आ रहा था, इसलिए उन्हें दिन के दौरान एसटीएनएम अस्पताल स्थानांतरित किया गया।

जीजेएम महासचिव रोशन गिरि ने कहा, ‘‘बिमल जी को एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है और डॉक्टर की सलाह पर उन्होंने अपना अनिश्चितकालीन अनशन वापस ले लिया है। हमें उम्मीद है कि वह जल्द ठीक हो जाएंगे। हमने पार्टी नेताओं की बैठक के बाद फैसला किया है कि हम जीटीए चुनाव में भाग नहीं लेंगे।’’

गुरुंग ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से जीटीए चुनावों को तब तक टालने का आग्रह किया जब तक कि जीजेएम द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव (एमओपी) को पर्वतीय क्षेत्रों में लागू नहीं किया जाता।

जीजेएम के सूत्रों के अनुसार, एमओपी में अन्य सुझावों के अलावा 2011 में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन को अक्षरश: सम्मान देने का आह्वान किया गया है। एमओपी में समझौते में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार गोरखा बसावट वाले 396 मौजा को शामिल करने के अलावा, कई विभागों को जीटीए में स्थानांतरित करने की मांग का भी उल्लेख है।

2011 में गठित दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र के प्रशासन के लिए एक अर्ध-स्वायत्त निकाय जीटीए के चुनाव आखिरी बार 2012 में हुए थे। जीजेएम ने सभी 45 सीटों पर जीत हासिल की थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)