देश की खबरें | बिहार : सरकारी स्कूलों में दुर्गा पूजा, दिवाली, छठ की छुट्टियों में कटौती

पटना, 30 अगस्त बिहार सरकार ने राज्य में संचालित सरकारी स्कूलों के लिए अवकाश का नया कैंडलर जारी कर छुट्टियों में काफी कटौती की है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत स्कूलों में निर्धारित कार्य दिवसों की संख्या बढ़ाए जाने के मद्देनजर सरकार ने अभी तक दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पूजा पर दी जाने वाली लंबी छुट्टियों में कटौती की है।

शिक्षा विभाग ने मंगलवार को एक अधिसूचना जारी कर नये कैलेंडर को प्रभावी बनाया है। इसमें सितंबर से दिसंबर के बीच त्योहारी छुट्टियों की संख्या 23 से घटाकर 11 कर दी गई है।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि सरकार ने छुट्टियों के संबंध में राज्य भर में एकरूपता लाने को कहा है और जिला शिक्षा पदाधिकारियों से विभाग की अनुमति बाद ही अतिरिक्त छुट्टियों की घोषणा करने को कहा गया है।

उन्होंने कहा कि 31 अगस्त को रक्षा बंधन पर पहले ही प्रतिबंधित या वैकल्पिक अवकाश घोषित किया जा चुका है।

सरकार द्वारा छुट्टियों की संख्या कम करने का निर्णय राज्य में शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए उठाए गए कदमों का एक हिस्सा है।

अधिसूचना के अनुसार, दुर्गा पूजा पर पहले मिलने वाली छह दिन की छुट्टियों को घटाकर तीन दिन कर दिया गया है वहीं, दिवाली से छठ तक मिलने वाली पूरे नौ दिनों की छुट्टियों को तीन हिस्से में बांट कर दिवाली पर एक दिन, चित्रगुप्त पूजा पर एक दिन और छठ पूजा पर दो दिन की छुट्टी घोषित की गई है।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत कक्षा एक से पांच (प्राथमिक) में 200 कार्य दिवस और कक्षा छह से आठ (उच्च प्राथमिक) में 220 कार्य दिवस प्रति शैक्षणिक वर्ष होने चाहिए। लेकिन स्कूलों में चुनाव, राजनीतिक गतिविधियों, त्योहारों, कानून और व्यवस्था से संबंधित मुद्दों, भर्ती परीक्षाओं, आपदा प्रबंधन गतिविधियों आदि के कारण शैक्षणिक गतिविधियाँ प्रभावित होती हैं।

इसके अलावा राज्य के स्कूलों में छुट्टियों में कोई एकरूपता नहीं है। छुट्टियों में एकरूपता सहित उपरोक्त मुद्दों को ध्यान में रखते हुए, विभाग ने अब राज्य के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में शेष शैक्षणिक दिनों के लिए छुट्टियों की सूची को संशोधित करने का निर्णय लिया है।

हालाँकि इस फैसले से विपक्षी भाजपा और सत्तारूढ़ महागठबंधन के बीच राजनीतिक खींचतान शुरू हो गई है।

भाजपा ने आरोप लगाया कि छुट्टियां कम करने का फैसला हिंदुओं के हित के खिलाफ है।

भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी ने पीटीआई-वीडियो से कहा, ‘‘शिक्षा विभाग अराजकता की स्थिति से गुजर रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को तुरंत ‘‘हिंदू विरोधी’’ आदेश वापस लेना चाहिए।’’

बिहार की महागठबंधन सरकार में शामिल राजद (राष्ट्रीय जनता दल) ने कहा कि आदेश में कुछ भी गलत नहीं है।

राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पीटीआई- से कहा, ‘‘छुट्टियों को कम करने का निर्णय सरकारी स्कूलों में कार्य दिवसों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। भाजपा स्कूली छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के खिलाफ है और अनावश्यक रूप से इसे तूल देकर राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है।’’

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