बाइडन ने बेहद आसान मुकाबले में उन्हें लंबे समय तक चुनौती देने वाले दो उम्मीदवारों मिनेसोटा के डीन फिलिप्स और लेखक मैरिएन विलियमसन को हरा दिया। इस जीत ने डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की दौड़ में बाइडन की पकड़ और मजबूत कर दिया है।
बाइडन ने तीन फरवरी को दक्षिण कैरोलाइना को पहले स्थान पर रखने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के नियमों को बदलने का समर्थन किया था। उन्होंने तर्क दिया कि डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए अश्वेतों का समर्थन सबसे विश्वसनीय आधार रहा है और अश्वेत एवं अन्य नस्ल के मतदाताओं को पूर्व की तरह प्राइमरी में एक बड़ी भूमिका निभाने की जरूरत है।
बाइडन ने 2020 में भी दक्षिण कैरोलाइना की प्राइमरी में जीत हासिल की थी और न्यू हैम्पशायर में भारी हार के बाद उन्होंने अपने चुनाव अभियान में फिर से जान डालने का प्रयास किया था, जहां देश के बाकी हिस्सों की तुलना में श्वेत मतदाताओं की संख्या अधिक है।
न्यू हैम्पशायर में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने नयी योजना का विरोध किया और मंगलवार को राज्य में रिपब्लिकन पार्टी के प्राइमरी चुनाव के साथ आगे बढ़े। डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी ने कहा है कि प्रतिस्पर्धा में उन प्रतिनिधियों के नाम पर विचार नहीं किया जाएगा जो नियमों के उल्लंघन के परिणामस्वरूप अंततः नामांकित व्यक्ति का चयन करते हैं।
नतीजतन बाइडन ने प्राइमरी से किनारा कर लिया, लेकिन उनके सहयोगियों ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं को संगठित किया और एक ‘सुपर पीएसी’ से मदद ली और प्रचारित किया कि न्यू हैम्पशायर के डेमोक्रेट अब भी उनके नाम पर लिख सकते हैं।
बाइडन ने एक बयान में कहा, ‘‘मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने आज शाम न्यू हैम्पशायर में मेरा नाम लिखा। यह हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्धता का एक ऐतिहासिक प्रदर्शन है।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY