विदेश की खबरें | बाइडन प्रशासन क्यूबा पर लगे प्रतिबंधों पर फिर विचार करे : अधिकारी

क्यूबा के विदेश मंत्रालय में अमेरिकी मामलों के उप निदेशक जोहाना टबलाडा ने कहा कि अमेरिका की नई सरकार को पूर्ववर्ती ट्रंप प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य एवं अन्य मुद्दों को लेकर बढ़े तनाव के बाद द्वीप पर लगाए प्रतिबंधों पर गौर करना चाहिए।

गौरतलब है कि 2016 के अंत और मई 2018 के बीच, हवाना में कई अमेरिकी और कनाडाई राजनयिकों ने अज्ञात कारणों से स्वास्थ्य समस्याएं होने की शिकायत की थी। ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने इस पर कहा था कि इसमें क्यूबा का हाथ हो सकता है या राजनयिकों पर कथित हमलों की वह अनुमति दे सकता है। क्यूबा ने हमेशा इन आरोपों को खारिज किया है।

इन रिपोर्ट के आधार पर ही ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा पर प्रतिबंध लगाए थे।

गैर-लाभकारी संगठन ‘नेशनल सिक्योरिटी आर्काइव’ ने बुधवार को विदेश मंत्रालय के आकलन वाले इन गोपनीय दस्तावेजों को सार्वजनिक किया था। यह रिपोर्ट 2018 में पूरी हो गई थी, लेकिन इसमें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां क्यों हुईं, इसका कोई विशिष्ट निष्कर्ष नहीं है।

इसके बाद क्यूबा सरकार ने दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि असल में राजनियकों पर कोई हमले हुए ही नहीं।

टबलाडा ने कहा, ‘‘ अगर कोई हमले हुए ही नहीं, तो हवाना में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास बंद नहीं होना चाहिए था, क्यूबा और फ्लोरिडा में रहने वाले परिवारों को अपने प्रियजन से मिलने से नहीं रोका जाना चाहिए था, द्विपक्षीय संबंध प्रभावित नहीं होने चाहिए थे।’’

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2015 में क्यूबा पर प्रतिबंधों में ढील देकर और कुछ प्रतिबंध हटाते हुए संबंध बेहतर किए थे, लेकिन ट्रंप ने बाद में उनकी कई नीतियां बदल दी थीं।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी क्यूबा के साथ बेहतर करने का वादा किया है।

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