देश की खबरें | अयोध्या में भूमि पूजन भारत को आत्मनिर्भर बनने के लिये आश्वस्त करेगा: मोहन भागवत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम से पूरे देश में ‘‘आंनद का वातावरण बनने’’ और भारत के ‘‘आत्मनिर्भर’’ बनने के प्रति भरोसा जताते हुए राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि संघ के तीस साल के संघर्ष के बाद मंदिर निर्माण हो रहा है ।
अयोध्या, पांच अगस्त अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम से पूरे देश में ‘‘आंनद का वातावरण बनने’’ और भारत के ‘‘आत्मनिर्भर’’ बनने के प्रति भरोसा जताते हुए राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि संघ के तीस साल के संघर्ष के बाद मंदिर निर्माण हो रहा है ।
उन्होंने राम मंदिर निर्माण के अभियान में भारतीय जनता पार्टी के नेता लालकृष्ण आडवाणी, विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिहंल और महंत रामचन्द्र दास परमहंस के योगदान को भी याद किया ।
उन्होंने कहा कि मंदिर के लिये बहुत से लोगो ने कठिन संघर्ष किया और कुछ लोगो ने अपने प्राणों का बलिदान भी दिया। उनमें से बहुत से लोग यहां उपस्थित नही है।
अयोध्या में भूमि पूजन स्थल पर भागवत ने कहा, ''रथयात्रा का नेतृत्व करने वाले आडवाणी जी इस कार्यक्रम में नही आ सके (कोविड महामारी के कारण) । वह आज अपने घर में बैठकर इस कार्यक्रम को देख रहे होंगे। कितने ही लोग है जो आ भी सकते है लेकिन बुलाये नही जा सकते, परिस्थति ऐसी है ।’’
यह भी पढ़े | Ram Mandir Bhumi Pujan: मुख्यमंत्री आवास में दीपोत्सव, CM योगी ने दीये जलाकर मनाई खुशी.
उन्होंने कहा, ‘‘पूरे देश में देख रहा हूं आनंद की लहर है, सदियों की आस पूरी होने का आनंद है ।''
भागवत ने राम मंदिर निर्माण के अभियान की शुरूआत को याद करते हुए कहा, ‘‘एक संकल्प लिया था और मुझे स्मरण है तब के हमारे संघ के सरसंघचालक बाला साहब देवरस जी ने यह बात हमको कदम आगे बढ़ाने के पहले याद दिलाई थी कि बहुत लगकर बीस—तीस साल काम करना पड़ेगा, तब यह काम होगा। बीस—तीस साल हमने किया। तीसवें साल के प्रारंभ में हमको संकल्प पूर्ति का आनंद मिल रहा है ।’’
अयोध्या में भूमि पूजन कार्यक्रम में उन्होंने कहा, '' अनेक लोगों ने बलिदान दिए हैं और सूक्ष्म रूप में (वे) यहां उपस्थित है, प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित हो नही सकते है । ऐसे भी हैं जो है पर यहां आ नहीं सकते। लेकिन सबसे बड़ा आनंद है भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिस आत्मविश्वास और जिस आत्मभान की आवश्यकता थी उस का सगुण, साकार अधिष्ठान बनने का शुभारंभ आज हो रहा है। ''
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिये बिना कहा, ‘‘परम वैभव संपन्न और सबका कल्याण करने वाले भारत के निर्माण का शुभारंभ आज ....ऐसे हाथ से हो रहा है, यह एक और आनंद है ।’’
भागवत ने कहा कि अभी कोरोना का दौर चल रहा है। सारा विश्व अंतर्मुख हो गया है विचार कर रहा है कि कहां गलती हुई, कैसे रास्ता निकले, दो रास्तो को देख लिया तीसरा रास्ता कोई है क्या ? उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास है, हम दे सकते है, देने का काम हमको करना है उसकी तैयारी करने के संकल्प का भी आज दिवस है ।’’
संघ प्रमुख ने कहा,‘‘ प्रभु श्रीराम के चरित्र को हमने देखा। वह हमारे रग रग में है....हम शुरू करें (तो) हो जायेगा । इस प्रकार का विश्वास, प्रेरणा आज हमको इस दिन से मिलती है। सारे भारतवासियों को मिलती है। कोई भी अपवाद नही है, क्योंकि सब राम के है और सबमें राम है । इसलिये यहां अब मंदिर बनेगा और भव्य मंदिर बनेगा ।''
उन्होंने कहा,‘‘ हम सब लोगो को अपने मन की अयोध्या को सजाना संवारना है । प्रभु श्रीराम जिन्हें धर्म के विग्रह माना जाता है, वह जोड़ने, धारण करने, ऊपर उठाने, सबकी उन्नति करने वाला धर्म हैं। उसकी (ऐसे धर्म की) ध्वजा को अपने कंधो पर लेकर संपूर्ण विश्व को सुख शांति देने वाला भारत हम खड़ा कर सकें इसलिये हमको अपने मन को अयोध्या बनाना है ।''
उन्होंने कहा कि हमारा हृदय भी राम का बसेरा होना चाहिए। इसलिये सभी दोषों, विकारो सें शत्रुता को तिलांजलि देनी होगी।
उन्होंने कहा कि भव्य राम मंदिर बनाने का काम भारतवर्ष के लाखों मंदिरों में एक और मंदिर बनाने का काम नही है। उन्होंने कहा, ‘‘उन सारे मंदिरों में मूर्तियों का जो आशय है, उस आशय का पुन:प्रकटीकरण और उसका पुन:स्थापन करने का शुभारंभ आज यहां बहुत ही समर्थ हाथों से हुआ है ।''
जफर
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)