अमेरिकन ऐकेडमी ऑफ आर्टस एंड साइंसेज का हिस्सा बनीं भारतवंशी रेणु खटोड़
61 वर्षीय खटोड़ अमेरिकन ऐकेडमी ऑफ आर्टस एंड साइंसेज (एएएएस) की 2020 की इस सप्ताह घोषित सूची में प्रतिष्ठित कलाकारों, विद्वानों, वैज्ञानिकों तथा सार्वनजिक, गैर लाभ वाले और निजी क्षेत्रों के नेताओं समेत 250 से अधिक लोगों के साथ सदस्य के रूप में जुड़ेंगी।
ह्यूस्टन, 25 अप्रैल यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन सिस्टम की चांसलर भारतीय-अमेरिकी मूल की रेणु खटोड़ को शिक्षा एवं अकादमिक नेतृत्व के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए प्रतिष्ठित अमेरिकन ऐकेडमी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज में शामिल किया गया है।
61 वर्षीय खटोड़ अमेरिकन ऐकेडमी ऑफ आर्टस एंड साइंसेज (एएएएस) की 2020 की इस सप्ताह घोषित सूची में प्रतिष्ठित कलाकारों, विद्वानों, वैज्ञानिकों तथा सार्वनजिक, गैर लाभ वाले और निजी क्षेत्रों के नेताओं समेत 250 से अधिक लोगों के साथ सदस्य के रूप में जुड़ेंगी।
उत्तर प्रदेश में जन्मी खटोड़ विश्वविद्यालय की अध्यक्ष भी हैं। वह पहली महिला चांसलर हैं और पहली भारतीय प्रवासी भी जो अमेरिका में इस गहन शोध विश्वविद्यालय के प्रमुख पद पर आसीन हुई हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इस प्रतिष्ठित संस्थान से मान्यता मिलना मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से गौरव की बात है। मैं यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन को मिले इस सम्मान से और भी अधिक प्रसन्न हूं जिसने मुझे मेरी नेतृत्व क्षमताओं को विकसित करने का ऐसा सुअवसर दिया।’’
खटोड़ ने कहा, ‘‘इतने प्रतिष्ठित लोगों की सूची में शामिल होना सम्मान की बात है।’’
एएएएस हर क्षेत्र के नवाचार विचारकों का प्रतिनिधि संगठन है। 250 से अधिक नोबेल पुरस्कार विजेता और पुलित्जर पुरस्कार विजेता इसके सदस्य हैं।
उन्होंने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक किया है। वहीं राजनीति विज्ञान तथा लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर और पीएचडी की डिग्री अमेरिका के परड्यू विश्वविद्यालय से ली है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 25, 2020 03:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

