देश की खबरें | भंडारा अस्पताल में आग लगने की घटना : भाजपा नेता ने लापरवाही के आरोप लगाए
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

भंडारा, नौ जनवरी महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल में शनिवार सुबह से ही आगंतुकों का तांता लगा रहा जिनमें ज्यादातर नेता थे। शुक्रवार देर रात इस अस्पताल में आग लगने से 10 नवजात बच्चों की मौत हो गई ।

स्थानीय प्रशासन ने मीडिया को दूर रखने के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मार्ग पर अवरोधक लगा दिये हैं।

अस्पताल प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है, ऐसे में यहां जिन पूर्व और वर्तमान मंत्रियों समेत नेताओं को आने-जाने दिया जा रहा है, वे ही संवाददाताओं के लिए अस्पताल में घटी घटना के बारे में थोड़ी-बहुत सूचनाएं हासिल करने का एकमात्र जरिया हैं।

जिन बच्चों की मौत हुई है, उनके माता-पिता भी अस्पताल के अंदर बताये जा रहे हैं। अब इस घटना के संदर्भ में आगे की कार्रवाई क्या होगी, इस बारे में कुछ पता नहीं चल रहा है।

इस बीच महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने दावा किया कि आग लगने की घटना में मृत बच्चों के रिश्तेदारों ने संबंधित वार्ड में पिछले सात दिनों से बिजली के वोल्टेज में हो रहे उतार-चढ़ाव के बारे में अस्पताल प्रशासन को जानकारी दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी।

भंडारा में जितनी भयावह घटना हुई है, उसे लेकर शहर के लोग हलकान हैं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शोक व्यक्त कर रहे हैं।

बावनकुले ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘मैंने मृत शिशुओं के रिश्तेदारों से बात की। उन्होंने बताया कि अस्पताल के उस वार्ड में पिछले सात दिनों से बिजली के वोल्टेज में उतार-चढ़ाव हो रहा था। इन रिश्तेदारों ने अस्पताल के कर्मियों से इलेक्ट्रिक स्वीच आदि की जांच करने का अनुरोध किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी।’’

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