लखनऊ, 27 अप्रैल भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले महापौरों को भाजपा में पदोन्नत किया जाता है ।
शर्मा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वह सत्ता में नहीं होने पर केवल ओबीसी और दलितों की परवाह करता है।
उन्होंने कहा कि वह 11 साल तक लखनऊ के महापौर रहे और उसके बाद उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के उपाध्यक्ष का प्रभार दिया गया और उत्तर प्रदेश का उप मुख्यमंत्री भी बनाया गया।
भाजपा नेता ने कहा कि इसी तरह देवेंद्र फडणवीस भी नागपुर के महापौर थे और फिर उन्हें महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाया गया, बेबी रानी मौर्य जो आगरा की महापौर थीं, उन्हें बाद में राज्यपाल नियुक्त किया गया।
शर्मा ने कहा, "अगर महापौर अच्छा काम करते हैं तो अंततः उन्हें पार्टी (भाजपा) और सरकार में पदोन्नत किया जाता है।"
विपक्षी दलों के बारे में बात करते हुए लखनऊ के दो बार महापौर रह चुके शर्मा ने कहा कि पिछड़े वर्ग (ओबीसी) की बात करने वाले (समाजवादी पार्टी) से केवल एक ही सवाल पूछना चाहिए, "जब वे इतने सालों तक सत्ता में थे, तो उन्होंने जाति आधारित जनगणना शुरू क्यों नहीं की।’’
उन्होंने जोर देकर कहा कि इसी बात से इसका पता चलता है कि पिछड़ों की उन्हें कितनी फिक्र है।
उन्होंने कहा कि जब राजू पाल मारा गया, उमेश पाल मारा गया, उमेश का गनर संदीप निषाद मारा गया। यह सभी पिछड़े समुदाय से थे, लेकिन समाजवादी पार्टी और कांग्रेस चुप रहे और उनके पक्ष में एक शब्द न बोले बल्कि माफियाओं के पक्ष में आंसू बहाएं।
गौरतलब हैं कि 2005 में माफिया अतीक और उसके गिरोह के सदस्यों ने विधायक राजू पाल की हत्या कर दी थी। राजू पाल हत्याकांड के एक प्रमुख गवाह उमेश पाल को इस साल फरवरी में अतीक के गिरोह के सदस्यों ने गोली मार दी थी।
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